ततारपुर ग्रामीण सेवा शिविर में मोबाइल में व्यस्त दिखे अधिकारी, सरकारी मंशा पर उठे सवाल
मुंडावर (देवराज मीना) सरकार की मंशा है कि ग्रामीण सेवा शिविरों के माध्यम से आमजन की समस्याओं का मौके पर त्वरित समाधान हो, ताकि ग्रामीणों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें। लेकिन मुंडावर उपखंड की ग्राम पंचायत ततारपुर में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में बुधवार को जो तस्वीर सामने आई, उसने इस व्यवस्था की गंभीरता पर ही सवाल खड़े कर दिए। शिविर में मौजूद अधिकांश विभागों के अधिकारी और कर्मचारी लंबे समय तक अपने-अपने मोबाइल फोन में व्यस्त दिखाई दिए, जबकि कई ग्रामीण अपनी समस्याओं के समाधान के लिए इंतजार करते रहे।
शिविर में राजस्व, पंचायत, विद्युत, सामाजिक न्याय, कृषि, चिकित्सा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे। लोगों की समस्याएं सुनने के बजाय मोबाइल स्क्रीन पर अधिक ध्यान देते नजर आए। किसी के हाथ में सोशल मीडिया तो कोई लगातार मोबाइल पर बातचीत में व्यस्त दिखाई दिया। सरकार ग्रामीण सेवा शिविर आयोजित कर अधिकारियों को गांवों तक भेज रही है, ताकि लोगों को राहत मिल सके। लेकिन यदि शिविर में भी अधिकारी-कर्मचारी मोबाइल में ही व्यस्त रहेंगे तो ऐसे शिविरों का उद्देश्य कैसे पूरा होगा। लोगों का कहना है कि यह रवैया ग्रामीणों के प्रति संवेदनहीनता को दर्शाता है।
ग्रामीण सेवा शिविरों की नियमित मॉनिटरिंग कराई जाए तथा शिविर के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि शिविर के दौरान अधिकारी मोबाइल फोन के अनावश्यक उपयोग से बचें और पूरी प्राथमिकता के साथ आमजन की समस्याओं का समाधान करें, ताकि सरकार की जनकल्याणकारी योजना का वास्तविक उद्देश्य पूरा हो सके। इस संबंध में जब उपखंड अधिकारी सृष्टि जैन से दूरभाष पर पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो उन्होंने शिविर की समस्या तो सुनी लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। ऐसे में शिविर के दौरान सामने आई व्यवस्था और अधिकारियों की कार्यशैली को लेकर सवाल उठ रहे हैं।


