भुसावर में प्रशासन का बड़ा शिकंजा:3 ट्रक और 1 ट्रैक्टर-ट्रॉली सीज
भुसावर (भरतपुर) कोशलेन्द्र दत्तात्रेय
भरतपुर जिले के भुसावर कस्बे और आसपास के क्षेत्रों में लगातार बढ़ती ओवरलोडिंग, सड़क हादसों और अवैध खनन पर लगाम कसने के लिए प्रशासन अब पूरी तरह सख्त हो गया है। एक तरफ जहाँ प्रशासनिक टीमों ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए ओवरलोड और बिना कागजात के वाहन पकड़े हैं, वहीं दूसरी ओर अलीपुर क्रेशर जोन और घाटरी क्षेत्र में अवैध खनन व ब्लास्टिंग के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
रात के अंधेरे में संयुक्त छापा, 4 वाहन जब्त:
उपखण्ड अधिकारी भुसावर राधेश्याम मीणा के निर्देशों पर प्रशासनिक, पुलिस, परिवहन (RTO) और खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने बुधवार देर रात क्षेत्र में औचक और सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान खनिज सामग्री से ओवरलोड और नियमों का उल्लंघन कर रहे 3 ट्रकों और 1 ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़ा गया। रवन्ना और रॉयल्टी से संबंधित वैध दस्तावेज न मिलने पर चारों वाहनों को तुरंत जब्त कर भुसावर थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।
कार्रवाई की जद में आए वाहन:
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RJ 05 GB 3688
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RJ 05 GC 1804
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MEA 8D061BM130379 (चेचिस/इंजन नंबर)
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UP 81 GT 0290
लाखों का जुर्माना और राजस्व वसूली:
खनिज विभाग के फोरमैन वीरेंद्र सिंह ने जानकारी दी कि कागजात अपूर्ण पाए जाने पर कुल ₹4,26,244 का जुर्माना लगाया गया है। इसमें से ₹3,94,094 की राशि तुरंत राजकोष में जमा करा दी गई है, जबकि एक ट्रैक्टर पर बकाया ₹32,650 की वसूली प्रक्रियाधीन है। इस कार्रवाई के दौरान एसडीएम राधेश्याम मीणा, तहसीलदार महेंद्र चतुर्वेदी, आरटीओ राहुल गोदारा, खनिज विभाग के फोरमैन वीरेंद्र सिंह और थानाधिकारी राजेश मीणा मय पुलिस जाब्ता मौजूद रहे।
अलीपुर और घाटरी क्षेत्र में सुलग रहा आक्रोश:
एक तरफ जहाँ प्रशासन ओवरलोड वाहनों पर नकेल कस रहा है, वहीं खेरली मोड़ थाना क्षेत्र के अलीपुर क्रेशर जोन और घाटरी क्षेत्र में अवैध खनन व अंधाधुंध ब्लास्टिंग के कारण आमजन का जीवन त्रस्त है। आबादी के नजदीक अवैध खनन और भारी धमाकों के चलते ग्रामीणों और लीज धारकों के बीच आए दिन टकराव की स्थिति बन जाती है। घाटरी क्षेत्र में ग्रामीणों द्वारा अनिश्चितकालीन धरना और भूख हड़ताल देने के बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं। स्थानीय लोगों द्वारा प्रशासन और पुलिस पर मिलीभगत के गंभीर आरोप भी लगाए जा रहे हैं।
प्रशासन की दो टूक चेतावनी:
प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि ओवरलोडिंग से जर्जर होती सड़कों और बढ़ते सड़क हादसों को रोकने के लिए यह धरपकड़ अभियान आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा, ताकि अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाई जा सके।

