महिला सशक्तिकरण की अनूठी पहल: खैरथल कॉलेज में आत्मरक्षा शिविर के पाँचवें दिन पुलिस प्रशिक्षकों ने सिखाई सेल्फ डिफेंस की तकनीकें
खैरथल (हीरालाल भूरानी)
महिला सशक्तिकरण और छात्राओं को आत्मनिर्भर व साहसी बनाने के उद्देश्य से राजकीय महाविद्यालय खैरथल में चलाए जा रहे 'रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम' का पाँचवाँ दिन बेहद उत्साहजनक रहा। शिविर के दौरान छात्राओं को विपरीत परिस्थितियों में अपनी सुरक्षा खुद करने के लिए विभिन्न व्यावहारिक तकनीकों का सजीव प्रशिक्षण दिया गया।
हुक और अपरकट पंच की दी गई ट्रेनिंग:
प्रशिक्षण सत्र के दौरान किशनगढ़ पुलिस थाने से पहुँची आत्मरक्षा प्रशिक्षक पुलिस कांस्टेबल पुष्पा और ममता ने छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए। प्रशिक्षकों ने बालिकाओं को 'हुक पंच' और 'अपरकट पंच' लगाने की सटीक तकनीक समझाई। इसके साथ ही शारीरिक संतुलन बनाए रखने, खतरे के वक्त सतर्क रहने और सूझबूझ के साथ हमलावर का मुकाबला करने के तौर-तरीके बताए गए। शिविर में लगभग 55 छात्राओं ने बढ़-चढ़कर पूरी ऊर्जा के साथ हिस्सा लिया।
प्राचार्य और संयोजक का संदेश:
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. विजय वर्मा ने इस पहल को रेखांकित करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम छात्राओं को मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाते हैं, जिससे वे समाज में आत्म-विश्वास के साथ आगे बढ़ सकें। वहीं, कार्यक्रम की संयोजक डॉ. सरस्वती मीणा ने सभी छात्राओं को नियमित अभ्यास करने और हर पल जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया।
इनकी रही विशेष उपस्थिति:
इस दौरान महाविद्यालय के कई गणमान्य शिक्षक एवं स्टाफ सदस्य मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से डॉ. महेश गोठवाल, डॉ. जाकिर हुसैन, डॉ. दीपक कुमार, डॉ. राहुल वर्मा, राजवीर सिंह मीणा, प्रभु दयाल, सोम्या बारेठ, अशीष शर्मा और विक्रम सिंह शामिल रहे। इस उपयोगी प्रशिक्षण से छात्राओं में सुरक्षा और आत्मविश्वास की भावना मजबूत हुई है।

