भगवान जगन्नाथ गर्भ गृह से बाहर आकर दिए भक्तों को दर्शन
राजगढ़ (अलवर) अनिल गुप्ता
मंदिर महंत पूर्ण दास, पंडित मदन मोहन शास्त्री ने बताया कि आषाढ़ शुक्ल प्रतिपदा को भगवान जगन्नाथ 15 दिनों के पश्चात गर्भ से बाहर आए गर्भ ग्रह से बाहर आने के बाद ही भगवान जगन्नाथ का नेत्र उत्सव का कार्यक्रम आयोजित हुआ इसके उपरांत सायकाल छः बजे माता जानकी की सवारी मंदिर मार्जन और गणेश पूजन के लिए गंगा बाग में स्थित मंदिर पहुंची जहां पर महंत परिवार व मेला कमेटी के सभी सदस्यों ने गणेश पूजन और मंदिर वैदिक मंत्र उच्चारण के साथ मार्जन किया।
शास्त्री ने बताया कि 27 जून को निकलने वाली भगवान जगन्नाथ की 171 में ऐतिहासिक रथ यात्रा से पूर्व प्रातः काल भगवान जगन्नाथ को कंगन डोरा बांधने का रस्म अदा होगी साथ ही साढ़े नौ बजे पूजन तथा गोलक पूजन तथा दस बजे भगवान जगन्नाथ को हल्दी के रस्मअदा की जाएगी ।
27जून को रथयात्रा कस्बे के प्रमुख बाजारों से होती हुई गंगा बाग स्थित मंदिर श्री जगन्नाथ मंदिर पहुंचेगी प्रमुख मंदिर में भगवान जगन्नाथ की आरती की जाएगी। एक जुलाई को होगी माता जानकी और जगन्नाथ का वरमाला महोत्सव का आयोजन किया जाएगा जिसमें वधू पक्ष माता जानकी की ओर से ठिकाना गंगा बाग के महंत प्रकाश दास और उनके शिष्य गुड्डू उर्फ उमाशंकर दास भूमिका निभाएंगे। इसके उपरांत चार जुलाई को रथ यात्रा की वापसी होगी।

