जुलाई माह में बागवानी के सबसे महत्वपूर्ण कार्यो में निराई-गुड़ाई
भरतपुर, 1 जुलाई (कोशलेन्द्र दत्तात्रेय) बागवानी एक ऐसा कार्य है जो तनाव के बजाय सुकून देता है। यदि हम अपनी घर की बगिया और गमलों में लगे पौधों की देखभाल हेतु सप्ताह में दो घण्टे का समय दें तो हमारी बगिया सुन्दर व हरी भरी रह सकती है।
कृषि महाविद्यालय कुम्हेर के डीन डॉ. उदय भान सिंह ने बताया कि जुलाई माह में बागवानी के सबसे महत्वपूर्ण कार्यो में निराई-गुड़ाई, कीटों का नियंत्रण, फूलांे की डिहेडिंग, खाद एवं उर्वरक देना, बेलों की छँटाई आदि प्रमुख हैं। कहावत है कि बागवान के हाथ में खुरपी हमेशा रहनी चाहिए यानि कि बागवानी में खरपतवार नियंत्रण एक नियमित क्रिया है। यदि बगिया में लगे लाँन के खरपतवार नहीं निकाले तो कालांतर में लाँन का स्वरूप इतना बिगड जायेगा कि लाँन को खोदकर दुबारा लगाना पडेगा। इसी तरह सब्जियों की क्यारियों से खरपतवार निकालने से सब्जियों का उत्पादन व गुणवत्ता बढती है। जुलाई माह में बागवानी में कीट एवं बीमारियों का उचित नियंत्रण आवश्यक है। आक, धतूरा, नीम आदि के सत से इनका नियंत्रण किया जा सकता है। पौधों की अच्छी बढवार के लिए उचित पोषण आवश्यक है, अतः वर्मीकम्पोस्ट व गोबर की खाद आवश्यकतानुसार देते रहें। वर्षा ऋतु मे पौधे तेजी से बढते हैं, अतः उचित आकार देने के लिए पौधों एवं बेलों की कटाई-छँटाई भी करते रहे ।

