बयाना में संचालित एचडीएफसी बैंक में हुआ फर्जीवाड़ा, मिलावटी सोना गिरवी रख बैंक से लिया 1.22 करोड़ रुपए का लोन
भरतपुर (कौशलेंडरा दत्तात्रेय) कस्बा बयाना में संचालित एचडीएफसी बैंक शाखा से एक बड़ा गोल्ड लोन घोटाला सामने आया है।दो भाईयों एवं उनकी मां सहित 12 लोगों ने मिलावटी सोना गिरवी रख एचडीएफसी बैंक शाखा से करीब 1.22 करोड़ रुपए का लोन प्राप्त कर लिया।लोन प्राप्त होने के तीन महीने बाद जब बैंक प्रबंधक को शक हुआ तो गिरवी रखे गए सोने की जांच कराई गई। जयपुर स्थित विशेषज्ञों की जांच में खुलासा हुआ कि गिरवी रखे गए सोने की शुद्धता केवल 25 से 30 प्रतिशत ही है। यानी की गिरवी रखे गए सोने में भारी मात्रा में मिलावट की गई थी। जांच में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद एचडीएफसी बैंक की विद्याधर नगर जयपुर स्थित हैड शाखा के डिप्टी मैनेजर संदीप कुमार गुप्ता ने बयाना कोतवाली में 12 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
मामले की जांच कर रहे बयाना कोतवाली एएसआई बृजेन्द्र सिंह ने बताया कि रिपोर्ट के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। गिरवी रखे गए सोने की शुद्धता बहुत कम पाई गई है। मामले में सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। बैंक प्रबंधक के अनुसार लोन आवेदक रामराज सिंह को कुल 7 लाख 60 हजार 700 रुपए का लोन स्वीकृत हुआ था। इसी तरह आवेदक लोकेश को कुल 15 लाख 17 हजार 200 का लोन स्वीकृत हुआ । इसी तरह आवेदक रामकुमार को 5 लाख 18 हजार रुपए लोन खाते में जमा हुए । इसके अलावा आवेदक निरंजन को 16 लाख 31 हजार 400 का लोन स्वीकृत हुआ। आवेदक रमेश चंद को 5 लाख 20 हजार 700 रुपये का लोन स्वीकृत हुआ। आवेदक मुनीम सिंह को 8 लाख 24 हजार रुपए का लोन स्वीकृत हुआ। इसी प्रकार आवेदक आराम गुर्जर को 2 लाख 27 हजार रुपए का लोन स्वीकृत हुआ। आवेदक सोमोती देवी को 9 लाख 85 हजार 400 रुपए का लोन स्वीकृत हुआ। इसी तरह आवेदक सत्तो को 15 लाख 49 हजार रुपए का लोन स्वीकृत हुआ। वहीं आवेदक सतवीर को 9 लाख 78 हजार रुपए का लोन स्वीकृत हुआ। इसी तरह आवेदक राजकुमार को 9 लाख 98 हजार रुपए का लोन स्वीकृत हुआ। आवेदक मातादीन को 5 लाख 39 हजार रुपए का लोन स्वीकृत हुआ।
- आंडिट में हुआ शक
मामले में रिपोर्ट दर्ज करवाने वाले एचडीएफसी रीजनल बैंक शाखा के डिप्टी मैनेजर संदीप कुमार गुप्ता ने बताया कि आंडिट में लोन खातों पर सन्देह हुआ था। इसके बाद लोन खातों की गहनता से जांच की गई। सभी आवेदकों की लोन लेने हेतु अलग अलग फाइलें जमा हुई थी। लेकिन सभी आवेदकों की फाइलें लगभग एक साथ ही बैंक में लोन स्वीकृत कराने के लिए आई थी।लोन खातों की जांच के दौरान सामने आया कि लोन सैनसंन होने के बाद सभी आवेदकों ने ऋणी लोकेश के खाते में ट्रांजैक्शन किया है। आवेदन लोकेश और सत्तो दोनों भाई है। एवं आवेदन सोमोती उनकी मां है।इस तथ्य के सामने आने के बाद बैंक में गिरवी रखे गए सोने को लेकर भी शक हुआ।इस पर सभी आवेदकों को पत्र जारी कर उनके द्वारा गिरवी रखे गए सोने की पुनः जांच के लिए बुलाया गया है। लेकिन आवेदकों ने कोई जवाब नहीं दिया है।


