करौली-धौलपुर टाइगर रिजर्व की अधिसूचना पर सांसद भजनलाल जाटव ने जताई कड़ी आपत्ति ,केंद्रीय मंत्री से की मुलाक़ात
नई दिल्ली/धौलपुर (नाहर सिंह मीणा)
करौली-धौलपुर सांसद भजनलाल जाटव ने टाइगर रिजर्व अधिसूचना को लेकर आज केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाक़ात की। इस दौरान सांसद ने क्षेत्र की सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए "करौली-धौलपुर टाइगर रिजर्व परियोजना को तत्काल प्रभाव से रद्द करने" की मांग रखी।
सांसद ने स्पष्ट किया कि करौली-धौलपुर एक जनसंख्या घनत्व वाला इलाका है, जहां हजारों ग्रामीण कृषि, पशुपालन एवं वनों पर निर्भर हैं। टाइगर रिजर्व की अधिसूचना से इन परिवारों के भू-अधिकार और आजीविका पर सीधा संकट उत्पन्न हो गया है। साथ ही इस क्षेत्र में स्थित धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के अस्तित्व को भी खतरा पैदा हो गया है।
भजनलाल जाटव ने यह भी बताया कि इस निर्णय से पूर्व ग्राम सभाओं, पंचायतों की सहमति नहीं ली गई, और जनसुनवाई की प्रक्रिया भी पूरी तरह से नदारद रही। यह स्थिति भूमि अधिग्रहण एवं पुनर्वास कानून 2013 (RFCTLARR Act) का स्पष्ट उल्लंघनहै।
सांसद ने कहा कि बिना पूर्व सूचना और सहमति के लिए गए इस निर्णय से जनता में भारी आक्रोश एवं चिंता है। यह निर्णय लोकतांत्रिक प्रक्रिया की मूल आत्मा के विपरीत है। स्थानीय जनता और पंचायत प्रतिनिधियों की राय को शामिल किए बिना लिया गया यह फैसला, क्षेत्र के भविष्य के लिए घातक हो सकता है। सांसद ने परियोजना की समीक्षा कर आमजन की सहमति से ही कोई निर्णय लेने की मांग दोहराई।