पर्यटक स्थल झरना प्रशासन की नाकामी और मरम्मत के अभाव में रो रहादर्द के आंसू
राजगढ़ (अलवर/ अनिल गुप्ता) राजगढ़-माचाडी सड़क मार्ग के मध्य स्थित ऐतिहासिक और पौराणिक पर्यटन स्थल झरना धाम प्रशासन की नाकामी व मरम्मत के अभाव में अपने दर्द के आंसू रो रहा है। विगत मानसून में झरना स्थित बांध की पाल के समीप से जमीन धंस गयी थी एवं ऊपर जाने वाली सीढ़ियां क्षतिग्रस्त हो गयी थी। जिसको लेकर स्थानीय प्रशासन ने चेतावनी बोर्ड लगाकर रोक लगा दी थी। लेकिन मरम्मत नही करवाई। आज भी इस मानसून में स्थिति वैसी की वैसी बनी हुई है। मात्र बांध के चारो तरफ वन विभाग की तरफ से तारबंदी करदी, ताकि लोग नहाए नही। लेकिन भारी बरसात के चलते बांध की चादर चल गई है।
पर्यटक आते है, वही सीढ़ियां क्षतिग्रस्त हुई पड़ी है एवं बांध के आस-पास की जमीन धंस गई है। जोकि कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। सबसे बड़ी देखने वाली बात यह है कि गत मानसून के दौरान क्षतिग्रस्त सीढ़ियों व धंसी जमीन को सही नही करवाया गया। वही बारिश के कारण लबालब हो गया है एवं बांध में जगह-जगह लीकेज होने से पानी का रिसाव हो रहा है। झरना धाम विकास समिति अपने स्तर पर बार-बार प्रशासन से सही करने की मांग कर रहा है। लेकिन प्रशासन के कानों पर जूं तक नही रेंग रही है।