इंडिया इंटरनेशनल म्यूजिक लवर्स सोसाइटी की अनूठी पहल मधुर गीतों से लहरिया उत्सव हुआ गुलज़ार
खैरथल (हीरालाल भूरानी)
सरकारी विभागों की आपाधापी, जिम्मेदारियों और तनावपूर्ण वातावरण से राहत पाने का सबसे मधुर और प्रभावी साधन है — संगीत। इसी उद्देश्य को आत्मसात करते हुए इंडिया इंटरनेशनल म्यूजिक लवर्स सोसाइटी द्वारा विश्व मित्रता दिवस की पूर्व संध्या पर भव्य लहरिया उत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें सरकारी विभागों — शिक्षा, चिकित्सा, इंश्योरेंस, रोडवेज, आरटीओ और रेलवे के अधिकारियों ने सुरों की ऐसी बहार बिखेरी कि श्रोताओं के दिल झूम उठे।
इस संगीतमय शाम को ख़ास बना दिया उन गीतों ने, जो मीना कुमारी, खैयाम, गुलज़ार, सुनिधि चौहान, के.के. और शम्मी कपूर जैसे दिग्गजों की याद दिला गए। मंच पर बैठे विशिष्ट अतिथियों — महेंद्रसिंह रलावता, प्रसिद्ध नृत्यांगना दृष्टि राय, प्रेमानंदकर, राजेश आनंद एवं विजय नाद से प्रसिद्ध विजय कुमार शर्मा ने इस संगीतमय पहल की सराहना करते हुए संस्थापक डॉ. लाल थदानी, कुंज बिहारी, रश्मि शर्मा, रश्मि मिश्रा, ऊषा मित्तल, गोपेंद्र सिंह राठौड़, अशोक दरयानानी व डॉ. दीपा थदानी की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
इस अवसर पर सभी अतिथियों को मोतियों की माला पहनाकर स्वागत किया गया तथा वृक्षारोपण की प्रेरणा के साथ प्रतीकात्मक रूप से एक-एक पौधा भेंट किया गया।
विजय कुमार शर्मा और प्रेम आनंदकर, अब्दुल सलाम कुरैशी को शहर की समस्याओं पर अपने ब्लॉग्स के माध्यम से जन जागरूकता फैलाने हेतु विशेष अभिनंदन किया गया। विजय कुमार शर्मा द्वारा सुनाई गई कविता "दो क़दम तुम भी चलो, हम भी चलें" को भरपूर सराहना मिली।
दृष्टि राय, जिन्होंने नृत्य और संस्कृति के क्षेत्र में अजमेर का नाम देशभर में रोशन किया है, को "माता की चुनरी" उड़ाकर सम्मानित किया गया।
प्रस्तुतियों में सदस्यों के अलावा आलोक वर्मा, गिरीश गुप्ता, डॉ. अभिषेक माथुर,अनिल जैन, लता शर्मा, डॉ. सुमन कविया, विनीता चौहान, करुणा टंडन, सरवर खान ,डॉ एस एन भट्ट, डॉ चटर्जी, डॉ प्रभा सक्सेना, दिनेश पवार , वंदना मिश्रा , कुमकुम जैन, मीना कंजानी , सुरेश शर्मा, नीरज मिश्रा, हेम वर्मा, बृजभूषण शर्मा, लक्ष्मण हरजानी, मंजू टेकचंदानी सहित अन्य कई प्रतिभागीयों ने प्रभावित किया।
अंत में विजय हल्दानिया के साथ सभी सदस्यों के आने वाला पल जाने वाला है सामूहिक गीत के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ ।