भारत में राष्ट्रीय स्वास्थ मिशन योजना के तहत योग शिक्षक सिखा रहे हैं योग, विद्यालय छिलाछो मे हुआ योग सत्र का आयोजन
लक्ष्मणगढ़ (अलवर) कमलेश जैन
राजकीय प्राथमिक विद्यालय छिलाछो प्रधानाध्यापक राजेश ने बताया कि श्री गोविंद देव परोपकारी ट्रस्ट के तत्वाधान में सेवाधाम के योग प्रशिक्षक , पतंजलि वैलनेस योगाचार्य केदार नाथ शर्मा ने विद्यालय में बुधवार को योगाभ्यास कराया। योग सत्र के बाद वज्रासन का भी अभ्यास कराया ।
वज्रासन में अनुलोम विलोम प्राणायाम भ्रामरी प्राणायाम का अभ्यास कराते हुए कहा कि योग एक जीवन दर्शन है , योग आत्मानुशासन है , योग एक जीवन पद्धति है , योग व्याधि मुक्त व समाधि युक्त जीवन की संकल्पना है । योग आत्मोपचार एवं आत्म दर्शन की श्रेष्ठ आध्यात्मिक विद्या है । योग व्यक्ति को वामन से विराट बनाने की या समग्र रूप से स्वयं को रूपान्तरित एवं विकसित करने की आध्यात्मिक विद्या है । योग मात्र एक वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति नहीं है , अपितु योग का प्रयोग परिणामों पर आधारित एक ऐसा प्रमाण है, जो व्याधि को निर्मूल करता है अतः यह एक ऐसा सम्पूर्ण चिकित्सा शास्त्र है, जो केवल शारीरिक रोगों का ही नहीं , बल्कि मानसिक रोगों का भी निवारण करता है ।
योग एलोपैथी की तरह कोई लाक्षणिक चिकित्सा नहीं , अपितु यह रोगों के मूल कारण को दूर कर हमें भीतर से स्वस्थता प्रदान करता है । योग को मात्र एक व्यायाम की तरह देखना या वर्ग विशेष की पूजा पाठ की एक पद्धति की तरह देखना संकीर्णता पूर्ण , अविवेकी दृष्टिकोण है । स्वार्थ , आग्रह , अज्ञान एवं अहंकार से ऊपर उठकर योग को हमें एक सम्पूर्ण विज्ञान के रूप में देखना चाहिए ।
योग की पौराणिक मान्यता है कि इससे अष्टचक्र जाग्रत होते हैं एवं प्राणायाम के निरन्तर अभ्यास से जन्म जन्मान्तर के संचित अशुभ संस्कार व पाप परिक्षीण होते हैं ।
योग सत्र में नीम गिलोय आँवला एलोवेरा तुलसी हल्दी व्हीट ग्रास में विद्यमान औषधीय गुणों के बारे में जानकारी प्रदान की ।
उन्होंने कहा कि स्कूली शिक्षा में योग को अनिवार्य विषय के रूप में पढ़ाया जाना चाहिए। जिससे विद्यार्थि नियमित रूप से योग कर शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ्य रहने का मार्ग प्रशस्त हो सकें । इस अवसर पर पिंटू मीना राजेश सैथल सुशीला मीना केशंता जाटव रजनीश मीना आर्यन खुशीराम वंश आदि अध्यापक अध्यापिका एवं छात्र छात्राएँ मौजूद रहे ।