नहीं थमा सुअरों का आतंक, आए दिन बाजरे की पक्की हुई फसल का कर रहे हैं नुकसान
उदयपुरवाटी / बाघोली (सुमेर सिंह राव ) इन दिनों बाघोली, जोधपुरा, रामनगर, मणकसास,खोह आदि गांवों में पालतू व जंगली सूअर पकी हुई बाजरे की फसल को आए दिन नुकसान पहुंचा रहे है। बाघोली के किसान धना राम, देविसहाय, अर्जुन लाल, शंकर लाल, किशन लाल, बीएल सैनी, महावीर जोधपुरा, रोशनलाल वर्मा मणकसास, महिपाल खलवा खोह , ब्रह्मदत्त मीणा गुड़ा आदि ने बताया कि बाघोली में पालतू सुअरों को रात्रि में खुला छोड़ देने से आए दिन बाजरे की फसल को उखाड़ कर टुकड़ा टुकड़ा कर देते हैं। बाजरे का सीटा तोड़कर खा जाते हैं। सुअर पलकों को भी पिछले दो दिन पहले सालासर की ढाणी के खेतों में बुलाकर फसल सुअरों द्वारा किए गए नुकसान को दिखाया भी था। कहा था कि सुअर कही भी दिखेगा तो बाड़े में ले जाकर बंद कर देंगे। जंगली सुअरों को हम नहीं पकड़ सकते हैं। उसके बाद भी सुअरों द्वारा फसल को नष्ट करने का सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा है।
मणकसास में जंगली सुअर दिन में पहाड़ियों में छुपे रहते हैं। अंधेरा होते ही खेतों में पहुंच जाते हैं। फसल को उखाड़ कर फेंक देते है। यही खोह -बाघोली घाटी के निचे भी जंगली सूअर फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। पिछले खोह के ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन कर वन विभाग को भी अवगत करवाया था। लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ। किसानों ने यह भी बताया कि एक वर्ष में बरसात में एक ही फसल बोई जाती है।
उसको भी सही तरीके से नहीं होने देते हैं। बाघोली सरपंच जतन किशोर सैनी ने पिछले दिनों सुअरों को छोडने व खेती में नुकसान पहुंचाने पर एसडीएम को ज्ञापन भी दिया था। लेकिन अभी तक कुछ भी नहीं हुआ। ग्रामीणों ने पंचायत व प्रशासन से सुअरों पर रोक लगाने की माग की है।