जिले का नाम भृर्तहरिनगर करने का विरोध तेज हुआ, व्यापार संगठन कर रहे अगुवाई

खैरथल में बाजार अनिश्चितकाल के लिए बंद

Aug 18, 2025 - 13:35
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जिले का नाम भृर्तहरिनगर करने का विरोध तेज हुआ, व्यापार संगठन कर रहे अगुवाई

खैरथल (हीरालाल भूरानी)  खैरथल-तिजारा जिले के नाम और मुख्यालय को लेकर केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के बयान के बाद खैरयल में आक्रोश तेजी से पनप रहा है। बयान के विरोध में रविवार को शहर बाजार बंद रहे। दरअसल, भाजपा नेताओं के विरोधाभासी बयानों से आमजन, व्यापारी वर्ग और युवाओं जबरदस्त आक्रोश है। कुछ दिन पूर्व भाजपा उत्तर जिला अध्यक्ष महासिंह चौधरी और जिला प्रमुख बलबीर छिल्लर ने जिला मुख्यालय को खैरथल में ही रखने की बात कही थी। इसके बाद शनिवार को केंद्रीय मंत्री के दिल्ली में दिए गए बयान से लोगों में भ्रम और नाराजगी है। लोगों कहना है कि भाजपा नेताओं के बयानों से आमजन असमंजस में है। रविवार को संयुक्त व्यापार महासंघ के आह्यन पर खैरथल में अनिश्चितकालीन बाजार बंद की शुरुआत हुई। व्यापार महासंघ अध्यक्ष ओमप्रकाश रोषा और कृषि उपज मंडी व्यापार समिति अध्यक्ष सर्वेश गुप्ता के नेतृत्व में सभी व्यापारियों दुकानें बंद रखी। गुप्ता ने कहा व्यापारी पूरी तरह से आंदोलन का समर्थन में हैं।

  • कृषि, फल-सब्जी मंडी भी बंद रही, ठेली-रेहड़ी वालों ने भी दिया समर्थन

फल एवं सब्जी मंडी यूनियन ने भी आंदोलन को समर्थन देते हुए सोमवार से मंडी बंद रखने का ऐलान किया है। इसके तहत सब्जी व फलों ठेलियां भी नहीं लगेंगी। इसके अलावा नाश्ते व मिठाई की दुकान भी बंद रहेंगी। संयुक्त व्यापार महासंघ अध्यक्ष ओमप्रकाश रोबा ने कहा कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होती। हमारा उद्देश्य खैरथल के विकास और जनता की भावनाओं का सम्मान करना है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं के बयान गुमराह करने वाले हैं। अगर मांगें नहीं मानी गई तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। जब तक जिला मुख्यालय नहीं बनाएं तब तक विरोध करेंगे: स्थानीय लोग और व्यापारियों का आरोप है कि जनप्रतिनिधियों ने आमजन की भावनाओं की अनदेखी की है और प्रशासन भी इस मुद्दे पर मूकदर्शक बना हुआ है। आंदोलनकारी इस बात पर जोर दे रहे हैं कि जब तक खैरथल को जिले का मुख्यालय नहीं बनाया जाता, वे सड़कों पर विरोध करते रहेंगे।
आने वाले दिनों में आंदोलन का दायरा और भी बढ़ सकता है व आंदोलन तेज हो सकता है। जनसमर्थन के बाद यह आंदोलन व्यापक रूप ले सकता है, इससे प्रशासन और राजनीतिक प्रतिनिधियों को अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता होगी। वहीं शाम को व्यापारी रेलवे फाटक के पास धरने पर बैठ गए। धरना देर रात तक चला, जिसमें व्यापारियों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर आक्रोश जताया। धरने पर संयुक्त व्यापार महासंघ अध्यक्ष ओम प्रकाश रोषा, व्यापार समिति अध्यक्ष सर्वेश गुप्ता, किसान नेता चंद्रभान गुर्जर, दीपक चौधरी समेत अनेक व्यापारी बैठे। वक्ताओं ने कहा कि जिले का नाम बदलना और मुख्यालय को हटाना जनभावनाओं के खिलाफ है। जिले का नाम बदलने का फैसला किसी सूरत में स्वीकार नहीं करेंगे।

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