लक्ष्मणगढ़ में आवारा सांडों का आतंक, लोग परेशान
लक्ष्मणगढ़ (अलवर) कमलेश जैन
शहर में आवारा सांडो का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। शहर के चोपड़ा बाजार क्षेत्र में आज दो सांडों ने अचानक एक दूसरे पर हमला कर दिया जिसे देख राहगीरों में हड़कंप मच गया। सड़क के दोनों ओर वाहन एकदम से थम गए। कई लोगों ने अपनी गाड़ी रोक मोड़ कर रास्ता बदल दिया।
भाजपा के जैकी खंडेलवाल ने बताया कि मेंन बाजार में उस समय अचानक से हड़कंप मच गया जब दो आवारा सांड आपस में भिड़ गए, सांडों का युद्ध काफी देर तक चलता रहा, जिससे राहगीरों की सांस एकदम से थम गई। कई राहगीरों ने अपना रास्ता बदल दिया। वहीं, कई लोग लड़ाई का वीडियो मोबाइल में कैद करते नजर आए। यह नजारा देखने को कई लोग खड़े हो गए। आवारा साड बाजार में अधिकांश रात्रि विश्राम करते हैं। जिससे सुबह मंदिर जाने वाले एवं स्कूली बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
गौरतलब है कि, बीते दिनों बस स्टैंड पर एक फल के ठेले पर सांड ने फिल्मी अंदाज में छलांग लगा दी थी। पूर्व में कई दुर्घटनाएं भी हो चुकी है प्रतिदिन शहर में आवारा सांडों का आतंक बढ़ता जा रहा है, लेकिन नगरपालिका इसको पकड़ने में नाकाम दिख रही है। कस्बों में आवारा सांडों का आतंक एक गंभीर समस्या है, जिससे लोगों को चोट लग रही है सांड अक्सर व्यस्त चौराहे बाजार में लड़ते हैं, जिससे राहगीर घायल हो जाते हैं। और यातायात बाधित होता है। महिलाओं, बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा है। नगर पालिकाओं द्वारा आवारा गोवंश को पकड़कर गौशालाओं में भेजने के ठोस इंतजाम नहीं होने से समस्या बढ़ रही है। खासकर बाजारों और चौराहों पर महिलाएं, बच्चे और दोपहिया वाहन चलाने वाले असुरक्षित महसूस करते हैं।
प्रशासन की निष्क्रियता: नगरपालिकाएँ आवारा पशुओं को पकड़ने और गौशालाओं में भेजने के ठोस इंतजाम करने में नाकाम हो रही हैं। नगर पालिका को आवारा पशुओं को पकड़ने और उन्हें सुरक्षित गौशालाओं में पहुंचाने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
लोगों को आवारा पशुओं के प्रति अधिक जागरूक रहना चाहिए और उन्हें अनावश्यक रूप से उकसाना नहीं चाहिए। इस समस्या को जल्द से जल्द हल करने के लिए प्रशासन और नागरिकों दोनों के सक्रिय सहयोग की आवश्यकता है।

