पर्युषण पर्व का छठा दिन उत्तम संयम के रूप मे मनाया
नौगावा,अलवर (छगन चेतिवाल)
पर्युषण पर्व के छठें दिन जैन समाज के लोगो ने इंद्रियों और इच्छाओं पर नियंत्रण और अनुशासन विकसित करने पर ध्यान केंद्रित किया। सकल दिगम्बर जैन समाज नौगावा के द्वारा पर्युषण पर्व का छठा दिन उत्तम संयम के रूप मे मनाया गया। जैन समाज की महिलाओं एवं पुरुषों के द्वारा प्रातः 6 बजे से ही भोपाल से पधारे पंडित राजेश शास्त्री के सानिध्य मे पूजा अर्चना प्रारम्भ की गई। ।जैन समाज के नरेश जैन आजाद ने बताया कि पर्युषण पर्व का छठा दिन उत्तम संयम होता है। जिसे धूप दशमी के रूप में भी मनाया जाता है। इस दिन व्यक्ति अपने मन, वचन और शरीर पर संयम रखने के महत्व को समझते है।
पारस जैन ने बताया कि दसलक्षण पर्व के दौरान जैन समाज के लोगो द्वारा प्रतिदिन श्रीसिद्ध चक्र महामंडल विधान की पूजा की रही है। इस पूजा में पंच परमेष्ठियों की आराधना होती है। शाम कों प्रश्न मंच, जैन समाज के बच्चों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है।

