भरतपुर (कोशलेन्द्र दत्तात्रेय) 8 सितम्बर। जिला कलक्टर कमर चौधरी की अध्यक्षता में विभागीय योजनाओं की साप्ताहिक समीक्षा बैठक सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों को बजट घोषणाओं की क्रियान्विति के लिए विभागीय स्तर पर मॉनिटरिंग करते हुए गति प्रदान करने के निर्देश दिए।
जिला कलक्टर ने कहा कि 27 सितम्बर से शुरू होने वाले श्री जसवंत प्रदर्शनी एवं पशु मेला के सफल आयोजन के लिए नगर निगम, बीडीए और पशुपालन विभाग अधिकारी परस्पर आपसी समन्वय से कार्य करें। उन्होंने बीडीए आयुक्त को आयोजन स्थल पर अस्थाई स्टॉल लगाने, ग्रेवल डालने एवं वर्षा जल निकासी केे लिए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किये। जसवंत प्रदर्शनी संदर्भ में आने वाली समस्याओं को समय पर ही एडीएम प्रशासन को अवगत करायें जिससे शीघ्र निस्तारण किया जा सके। उन्होंने कहा कि शिक्षा एवं आईसीडीएस अधिकारी अपने बरसात से क्षतिग्रस्त, लीकेज, जर्जर विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति जांच कर सूची 3 दिवस में भेजें। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त परिसंम्पत्तियों की सूची प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र भेंजे ताकि आवश्यक बजट आवंटन करवाकर उनकी मम्मरत करवाई जा सके।
उन्होंने निर्देश दिए कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार राजकीय कार्यालयों में सभी तरह के कार्य ई-फाईलिंग के जरिए ही सम्पादित किए जाएं, सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि कोई भी कार्य ऑफलाइन संपादित नहीं हो। उन्होंने विभागवार राजस्थान सम्पर्क पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों के निस्तारण की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी अधिकारी सम्पर्क पोर्टल पर प्राप्त होने वाले परिवादों का समयावधि से निस्तारण करना सुनिश्चित करें। प्रत्येक समस्या का अध्ययन कर परिवादी को वास्तविक रूप से समस्या निराकरण के साथ जबाव भिजवाया जाए। उन्होंने 30 दिवस से अधिक लम्बित प्रकरणों को गम्भीरता से लेते हुये समस्याओं का निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला स्तरीय अधिकारी निस्तारित समस्याओं के संतुष्टि लेवल के नियमित रूप से जांच कर समस्याओं का निराकरण करने के निर्देश दिए।
जिला कलक्टर ने निर्देश दिये कि आगामी 15 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक शहर चलो अभियान एवं गावों चलो अभियान के अन्तर्गत शिवरों में अर्द्धघुमंतु एवं भूमिहीन परिवारोें को पट्टा वितरण करते हुये लाभान्वित करें। उन्होंने दोनों अभियानों की सघन मॉनिटरिंग करने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता अधिकारी को निर्देश दिये कि अवैध शराब निर्माण, भंडारण, विक्रय में लिप्त समुदायों-परिवारों की सूची उपलब्ध करवायें जिससे उनके सामाजिक शैक्षणिक एवं अर्थिक रूप से विकास तथा पुनर्वास और मूलभूत सुविधाऐं प्रदान की जा सके। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को स्पोर्ट्स स्कूल के लिए भूमि आवंटन प्रस्ताव शीघ्र भिजवाने के निर्देश दिए। उन्होंने जल संसाधन अधिशाषी अभियंता को निर्देश दिये कि बरसात में भरतपुर शहर की ऐतिहासिक एवं वर्तमान स्थिति में नालों, नहरों, तालाबों को ध्यान में रखतें हुए ड्रेनेज सिस्टम पर मैपिंग बनाकर प्लानिंग तैयार करें।
उन्होंने कहा कि आमजन को केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं बजट घोषणाओं का लाभ धरातल पर मिले इसके लिए संबंधित अधिकारी समन्वय और टीम भावना से कार्य करें। सभी अधिकारी बजट घोषणा, सांसद, विधायक संबंधित भूमि आवंटन संदर्भ में अपने आवश्यक दस्तावेज भेजना सुनिश्चित करें। विभागीय बजट घोषणाओं में प्रगति लाने के संबंधित अधिकारी अपने अधीनस्थ कार्मिकों के साथ नियमित समीक्षा बैठक करें।
बाल श्रम रोकथाम टास्क फोर्स बैठक की समीक्षा
जिला कलक्टर ने बाल श्रम रोकथाम टास्क फोर्स बैठक की समीक्षा करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि 30 दिवस से अधिक अनुपस्थित रहने वाले ड्रॉपआउट बच्चों की सूची प्रधानाचार्य के माध्यम से श्रम विभाग को भिजवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने पुलिस अधिकारीयों को निर्देश दिए कि बालक और कुमार श्रम पुनर्वास निधि में न्यायालयों के माध्यम से दोषी नियोजकों से न्यायालय निर्णय के उपरान्त जुर्माना वसूल कर सम्बन्धित बालक के खाते में जमा करायें। उन्होंने कहा कि जिले में बाल श्रम रोकथाम के लिए पुलिस, चाईल्ड लाईन, श्रम विभाग के सम्बन्धित अधिकारी संयुक्त टीम बनाकर कार्यवाही करें।
इस अवसर पर बीडीए आयुक्त कनिष्क कटारिया, सीईओ जिला परिषद मृदुल सिंह, अतिरिक्त कलक्टर प्रषासन धनश्याम शर्मा, शहर राहुल सैनी, बाल कल्याण समिति अध्यक्ष राजा राम, अधीक्षण अभियन्ता विद्युत रामहेत मीणा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गौरव कपूर, श्रम कल्याण अधिकारी मनोज मीणा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।