खैरथल डकैती प्रकरण पर एडीजे कोट का अहम फैसला: लूट प्रकरण में कच्छाधारी गैंग के सात अभियुक्तों को आजीवन कारावास
खैरथल (हीरालाल भूरानी ) किशनगढ़बास की एडीजे कोर्ट के न्यायाधीश प्रशान्त चौधरी ने सोमवार को बहुचर्चित डकैती प्रकरण में सख्त फैसला सुनाते हुए सात आरोपितों को आजीवन कारावास एवं प्रत्येक को 20 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। दोषियों में संतोष, शंकरलाल, श्यामबाबू, मनोज, विरंच, विजय और कर्ण उर्फ कटवा शामिल है।
अदालत ने आरोपितों को आईपीसी की धारा 395 (डकैती), 397 (जानलेवा हमला), 450, 458 तथा आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 के अंतर्गत दोषी ठहराया था।
अपर लोक अभियोजक एडवोकेट वीरेंद्र सिंह नरुका ने बताया कि मामले में कुल 20 गवाह प्रस्तुत किए और 50 दस्तावेज प्रमाणित कराए। साक्ष्यों व गवाहों की विस्तृत प्रस्तुति के आधार पर अदालत ने आरोपियों को सजा सुनाई। मामले की सुनवाई के दौरान पुख्ता साक्ष्य, पीड़िता की लिखित शिकायत व गवाहों के बयान निर्णायक रहे। इस मामले की 19 जून 2023 को खैरथल थाने में पीड़ित सुरेश चौधरी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। प्रार्थी के बयान के अनुसार 18/19 जून 2023 की मध्यरात्रि करीब 2 बजे उसके आवास में 9-10 लोग घुसे और पीछे के कमरे में रखी अलमारी से जेवरात तथा नकदी निकालने लगे। सुरेश ने चुपके से खैरथल थाने को फोन कर मदद की गुहार लगाई। सूचना मिलते ही पुलिस की मोटरसाइकिलें घटनास्थल की ओर रवाना हुई, पर घर के अंदर मौजूद कुछ बदमाशों ने कमरे के भीतर ही पीड़ितों से मारपीट की और मौजूद बेटे नीलाभ को पकड़कर धमकाया। घायलों ने आरोपियों को पहचानने का दावा भी किया। घटना में सोने-चांदी के आभूषण, कुछ चांदी के सिक्के और 15,000 रुपए लूटे जाने की शिकायत दर्ज कराई गई थी।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि डकैती व हथियार के साथ अतिक्रमण समाज में भय का वातावरण उत्पन्न करते हैं और ऐसे कृत्यों पर सख्त कार्रवाई आवश्यक हैं, ताकि भविष्य में न्यूनतम भीषण अपराधों को रोका जा सके। दोषियों की सामाजिक व आपराधिक प्रवृत्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि कई आरोपितों के विरुद्ध पहले से ही विभिन्न थानों मे मामले दर्ज थे। मामले में गवाह और साक्ष्य के आधार पर पुलिस ने आरोपितों पर मामले दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। अभियोजन की ओर से दी जानकारी के अनुसार सब आरोपित मध्यप्रदेश के गुना जिले के निवासी है और कच्छाधारी गैंग से जुड़े होने के आरोप है।

