ब्रज की रज अपने आप में निराली है गौमाता, साधु-संत और गंगा -यमुना माता हमारी संस्कृति - भजनलाल शर्मा
डीग के श्री जड़ खोर धाम पहुंचकर मुख्य मंत्री ने सपत्नीक सुरभि गाय की पूजा कर स्वामी राजेंद्र दास जी महाराज लिया आशीर्वाद
डीग (नीरज जैन) मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा हेलीकॉप्टर से रविवार की दोपहर श्री कृष्णा बलराम गौ आराधन महोत्सव में भाग लेने श्री जड़खोर गोधाम पहुंचे जहां उन्होंने श्री गोष्ठ बिहारी मंदिर के दर्शन कर सपत्नीक कामधेनु सुरभि गौमाता की पूजा कर उसे गुड़ और हरा चारा खिलाया।
सीएम भजनलाल शर्मा ने सपत्नीक श्रीजड़खोर गोधाम कथा स्थल पर स्वामी श्री राजेन्द्र दास जी महाराज से लिया आशीर्वाद लिया इस दौरान गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम और कामा की विधायक नोकक्षम चौधरी भी मौजूद थी।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस अवसर पर अपने संबोधन में स्वामी राजेंद्र दास महाराज सहित अन्य संतों का किया अभिवादन करते हुए कहा कि 'बृज की रज अपने आप में निराली है'
गाय माता, हमारे संत और गंगा यमुना माता हमारी संस्कृति है।
हमारी संस्कृति में वृक्ष, पहाड़, नदी को भी पूजते हैं।क्योंकि ईश्वर सभी में वास करते हैं, इसलिए हम सबकी पूजा करते हैं। भगवान कृष्ण ने भी गोधन की खूब सेवा की है। गाय की सेवा हमारा दायित्व है।जब मैं मुख्यमंत्री बना तो यह बात सामने आई कि गौशालाओं के लिए अनुदान कम है।
मुझे कहा गया कि प्रति गाय 40 रूपए अनुदान कर दो।
जब मैंने उन्हें पूछा कि गाय का प्रतिदिन भोजन कितने में हो सकता है,तो उन्होंने बताया कि 50 रूपए प्रतिदिन में हो सकता है।
इस पर सरकार ने गाय के लिए 50 रूपए और बछड़ों के लिए 25 रूपए अनुदान की घोषणा की।
हम गोसेवा के लिए निश्चित रूप से विशेष प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छोटे किसानों द्वारा खेती में बेल के प्रयोग पर 30 हजार रुपए का अनुदान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यहां जल की व्यवस्था और 3 शेडो के निर्माण का काम सरकार द्धारा कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण का संदीपन ऋषि के यहां तक जाने के पथ का विकास भी हमारी सरकार द्वारा किया जाएगा।
हमारी सरकार जहां भी जरूरत है, उस काम को करा रही हैं। साधु—संतों के जो भी प्रस्ताव आएंगे, हम अपनी संस्कृति और गौमाता के लिए वह काम करेंगे।
उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत साक्षात भगवान श्री कृष्ण का स्वरूप है। मैं जहां से गुजरता हूं और जहां यदि रास्ते में कहीं भागवत होती हैतो उस कथा में रूककर भागवत को जरूर प्रणाम करता हूं। श्रीमद्भाग्वत में भगवान खुद विराजमान है।हमें भागवत को सुनना चाहिए और अनुसरण भी करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने स्वामी श्री राजेंद्र दास जी महाराज से कहा आप जब गो कथा कहते है तो मन प्रसन्न हो जाता है। 'मैं जब भरतपुर रहता था तो भी गाय रखता था। सीएम हाउस में जब मैं गया तो उससे पहले मेरी गाय माता गई। मेरी सुबह की शुरूआत गाय माता को प्रणाम करने से होती है जब हम घर से रवाना होते हैं तो गाय घूमकर देखती है
गौमाता आशीर्वाद देती है कि यात्रा सफल हो।जब घर आते हैं तो भी गौमाता बड़े ही प्रेम से देखती है।