शारदीय नवरात्र की महाअष्टमी, किया कन्या पूजन
लक्ष्मणगढ़ (अलवर/कमलेश जैन) महाअष्टमी का कन्या पूजन 30 सितंबर आज श्रद्धालुओं द्वारा किया गया । महाअष्टमी पर कन्या पूजन का विशेष महत्व माना जाता है। योग शिक्षक पंडित लोकेश कुमार ने बताया कि नवरात्रि का आरंभ 22 सितंबर से हुआ है। और तृतीया तिथि 2 दिन होने के कारण अष्टमी 30 सितंबर व नवमी 1 अक्टूबर को पड़ रही है। कुछ लोग अष्टमी के दिन नवरात्रि व्रत का पारण करते हैं। और कुछ लोग नवमी के दिन। यही कारण है नवरात्रि के अंतिम 2 दिन बहुत विशेष होते हैं।
नौ छोटी कन्याओं को देवी दुर्गा के नौ रूपों के रूप में मानकर आज कस्बे के घरों में उनकी पूजा कर भोजन कराया गया। शारदीय नवरात्र में मंगलवार को आज अष्टमी और बुधवार को महानवमी मनाई जाएगी। श्रद्धालुओं नेअष्टमी पर मां दुर्गा के आठवें स्वरूप महागौरी, और नवमी पर कल मां सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना करेंगे।
नवरात्र की नवमी पर माता सिद्धिदात्री की पूजा के साथ यज्ञ, पूजन किया जाएगा । कन्या पूजन के उपरांत श्रद्धालु अपने व्रत का पारण करेंगे। माता को लाल चुनरी, पुष्पमाला, हलवा-चना, नारियल बर्फी, शृंगार का सामान आदि अर्पित किया जाता है। नवमी के दिन कन्या पूजन का विशेष महत्व है। मान्यता है कि नवमी पर कन्याओं को भोजन कराने से 9 दिन की पूजा का संपूर्ण फल प्राप्त होता है।