खैरथल में जिला बचाओ संघर्ष समिति का धरना 79वें दिन जारी:पूर्व मंत्री शकुंतला रावत का धरने को समर्थन
खैरथल (हीरालाल भूरानी)
खैरथल और तिजारा जिलों के नाम परिवर्तन और मुख्यालय स्थानांतरित करने के विरोध में जिला बचाओ संघर्ष समिति का धरना शुक्रवार को 79 वें दिन भी जारी रहा। धरने को समर्थन देने के लिए पूर्व केबिनेट मंत्री शकुंतला रावत अपने समर्थकों के साथ धरना स्थल पर पहुंचीं, जहां उन्हें संघर्ष समिति के सदस्यों और क्षेत्रीय विधायक दीपचंद खैरिया ने स्वागत किया।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री रावत ने कहा कि यह धरना राजस्थान का सबसे बड़ा और लंबा धरना साबित हो रहा है, जो जिले को बचाने के लिए हो रहा है। उन्होंने खैरथल तिजारा जिले को बनाने के लिए तत्कालीन कांग्रेस सरकार की तारीफ करते हुए वर्तमान भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि वह खैरथल की जनता के साथ अन्याय कर रही है।
रावत ने कहा कि जिले का नाम परिवर्तन और मुख्यालय को अन्यत्र स्थानांतरित करने का निर्णय गलत है और भाजपा के नेताओं ने जनता को भ्रमित करने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि अगर केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव की योजना भर्तृहरि नगर को अलग जिला बनाने की है, तो खैरथल-तिजारा जिले को क्यों छेड़ा जा रहा है? रावत ने जोर देते हुए कहा कि अब जिले के नाम और मुख्यालय को बचाने के लिए 36 बिरादरी एकजुट है और संघर्ष समिति के साथ खड़ी है।
धरने पर उपस्थित विधायक दीपचंद खैरिया ने कहा कि जल्द ही बड़े नेताओं की मीटिंग को फिर से आयोजित करने की योजना बनाई जा रही है और खैरथल में एक बड़ी सभा आयोजित की जाएगी। उन्होंने भाजपा नेताओं के तंज का जवाब देते हुए कहा कि उनका आंदोलन कमजोर नहीं, बल्कि तेजी से बढ़ रहा है। धरने में विधायक दीपचंद खैरिया के साथ मुंडावर ब्लॉक अध्यक्ष अखिलेश कौशिक, किशनगढ़ ब्लॉक अध्यक्ष संदीप पाटिल, खैरथल ब्लॉक अध्यक्ष शिवचरण गुप्ता, गिरीश डाटा, सर्वेश गुप्ता, पूर्व लोक अभियोजक रामावतार चौधरी, जसवंत यादव, निक्की प्रजापत, प्रथम डाटा, कृष्ण चौधरी समेत सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

