जिनबिम्ब के दर्शन मात्र से होता है सम्यक ज्ञान की प्राप्ति ---- मुनि श्री पावन सागर जी महाराज
गायत्री नगर में सिद्धचक्र महामंडल विधान प्रारम्भ
जयपुर (कमलेश जैन) दिगंबर जैन मंदिर प्रबंध समिति गायत्री नगर, महारानी फार्म, जयपुर के तत्वाधान एवं श्री आदिनाथ महिला मंडल द्वारा परम पूज्य मुनि श्री पावन सागर जी महाराज मुनि श्री सुभद्र सागर जी महाराज के पावन सानिध्य में 29अक्टूबर 2025 प्रातः 8:00 बजे शान्ति धारा सोधर्म इन्द्र प्रदीप जैन बाकलीवाल व महायज्ञनायक उदयभान जैन बडजात्या द्वारा करने के पश्चात सिद्ध चक्र महामंडल विधान का शुभारंभ हुआ।
महिला मंडल की प्रचार मंत्री अनिता बड़जात्या ने अवगत कराया कि विभिन्न अनाजों से निर्मित शानदार सिद्ध चक्र महामंडल विधान पर अशोक -नीलू गंगवाल ने मुख्य मंगल कलश की स्थापना की, अशोक विमला पापडीवाल ने अखंड दीप प्रज्ज्वलन किया।
परम पूज्य मुनि श्री पावन सागर जी महाराज ने अपने मंगल आशीर्वचन में कहा कि शाश्वत अष्टान्हिका महापर्वों में सिद्धों की आराधना करना महान पुण्य का कार्य है । उन्होंने कहा कि जिन बिम्ब के दर्शन मात्र से सम्यक ज्ञान की प्राप्ति होती है। इस अवसर पर मन्दिर प्रबन्ध समिति व महिला मंडल की ओर से सोधर्म इन्द्र व विज्ञानाचार्य का स्वागत किया।
उपरोक्त कार्यक्रम में समाज की महिला व पुरुष उपस्थित होकर उत्साह के साथ विधान पूजा कार्यक्रम में सिद्धों के 8 गुण और 16 कारण भावनाओं के 16 अर्घ्य कुल 24 अर्घ्य इन्द्र- इन्द्राणियों ने मंडल पर चढ़ाये। सभी मांगलिक क्रियाएं विधानाचार्य पं अजीत शास्त्री द्वारा कराई गई।


