भरतपुर का वैर ब्लॉक बनेगा देश का आदर्श आकांक्षी ब्लॉक; सिंचाई, शिक्षा और रोजगार को मिलेगी नई दिशा
हलैना/भरतपुर (विष्णु मित्तल) राजस्थान सरकार द्वारा भरतपुर जिले के वैर ब्लॉक को गुरु गोलवलकर आकांक्षी ब्लॉक के रूप में चयनित किया गया है। समृद्ध भारत अभियान ने इस ब्लॉक को देश का आदर्श आकांक्षी ब्लॉक बनाने का संकल्प लिया है। इसके तहत ऐतिहासिक जल संरचनाओं, बांधों, विद्यालयों एवं ग्रामीण आधारभूत सुविधाओं के संरक्षण और विकास के माध्यम से पर्यटन, कृषि, सिंचाई, शिक्षा तथा स्थानीय रोजगार को नई गति दी जाएगी। संस्था का मानना है कि यदि अन्य राज्य भी नीति आयोग के आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम के साथ-साथ अपने स्तर पर अतिरिक्त विकासशील ब्लॉकों का चयन कर इसी प्रकार योजनाबद्ध कार्य करें, तो भारत शीघ्र ही समावेशी एवं संतुलित विकास का वैश्विक मॉडल बन सकता है।
समृद्ध भारत अभियान के निदेशक सीताराम गुप्ता ने बताया कि नीति आयोग ने देशभर के 500 आकांक्षी ब्लॉकों का चयन किया है, जिनमें राजस्थान के 27 ब्लॉक शामिल हैं। इसके अतिरिक्त राजस्थान सरकार ने 41 गुरु गोलवलकर आकांक्षी ब्लॉकों का चयन कर विकास की नई पहल की है, जिनमें भरतपुर जिले का वैर ब्लॉक भी शामिल है। समृद्ध भारत अभियान ने इस ब्लॉक में शिक्षा, कृषि, सिंचाई, पर्यटन और रोजगार के क्षेत्र में अनेक विकास परियोजनाओं पर कार्य प्रारम्भ कर दिया है।
उन्होंने बताया कि वैर ब्लॉक के हथौड़ी गांव में कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत 3.30 करोड़ रुपये की लागत से ऐतिहासिक बावड़ी का जीर्णोद्धार कराया जा रहा है। इसके साथ ही आसपास के क्षेत्र में व्यापक वृक्षारोपण, पर्यटकों के लिए बैठने की व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं का विकास किया जाएगा, जिससे यह स्थल एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हो सके। परियोजना पूर्ण होने पर स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे तथा जल संरक्षण के माध्यम से किसानों को सिंचाई के लिए अतिरिक्त जल उपलब्ध होगा।
वैर क्षेत्र में लगभग 650 हेक्टेयर में होने वाली अमरूद की खेती को प्रोत्साहित करने और मूल्य संवर्धन के उद्देश्य से 50 लाख रुपये की लागत से पल्प प्रोसेसिंग मशीन स्थापित करने की योजना भी तैयार की गई है। इससे किसानों को बेहतर बाजार एवं अधिक आय प्राप्त होगी।
इसी क्रम में सीताबांध के जीर्णोद्धार हेतु 3.50 करोड़ रुपये का सीएसआर प्रस्ताव स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को भेजा गया है। प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद बांध के पुनर्जीवन से लगभग 500 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे कृषि उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। साथ ही यह क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से भी विकसित किया जाएगा।
शिक्षा के क्षेत्र में समृद्ध भारत अभियान के प्रयासों से वैर पंचायत समिति के वल्लभगढ़ गांव में प्रवासी भारतीयों के सहयोग से लगभग 2 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक बालिका विद्यालय भवन का निर्माण कराया गया है। अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त इस विद्यालय में छात्राओं के नामांकन एवं ठहराव में सकारात्मक वृद्धि देखने को मिली है।
इसके अतिरिक्त क्षेत्र के खैरा गांव में लगभग 1.10 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित चेकडैम के निर्माण के लिए भी सीएसआर के तहत स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को प्रस्ताव भेजा गया है। इस परियोजना से 15 गांवों के लगभग 800 अमरूद उत्पादक किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा तथा भूजल संरक्षण और सिंचाई व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
सीताराम गुप्ता ने कहा कि विकसित भारत-2047 का लक्ष्य तभी साकार होगा, जब विकास की मुख्यधारा में प्रत्येक गांव, प्रत्येक किसान और प्रत्येक नागरिक की समान भागीदारी सुनिश्चित होगी। रोटी, कपड़ा, मकान, शिक्षा, स्वास्थ्य, जल और रोजगार जैसी मूलभूत आवश्यकताओं की समग्र उपलब्धता ही वास्तविक विकास का आधार है। उन्होंने सुझाव दिया कि नीति आयोग के आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम की तर्ज पर अन्य राज्यों को भी अपने स्तर पर अतिरिक्त विकासशील ब्लॉकों का चयन कर समग्र विकास की ऐसी पहल करनी चाहिए, जिससे देश के ग्रामीण क्षेत्रों का संतुलित और सतत विकास सुनिश्चित हो सके।


