बागवानी फसलों के क्षेत्र को बढ़ाकर किसानों की आमदनी में करें वृद्धि-एडीएम
भरतपुर, ( कौशलेंद्र दत्तात्रेय)। जिला स्तरीय कृषि समिति, आत्मनिर्भर परिषद एवं उद्यानिकी विकास समिति की संयुक्त बैठक शुक्रवार को अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रशासन घनश्याम शर्मा की अध्यक्षता में एडीएम कक्ष में आयोजित हुई। बैठक में कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की योजनाओं की प्रगति, फसल विविधिकरण, जैविक खेती, नवाचार और किसानों की आय वृद्धि पर विस्तृत चर्चा की गई।
अतिरिक्त जिला कलक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य एवं केंद्र सरकार की कृषि योजनाओं का अधिकतम लाभ किसानों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि किसानों को तकनीकी जानकारी, उच्च गुणवत्ता वाले बीज, उर्वरक, आधुनिक कृषि उपकरण और सिंचाई सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने सरसों अनुसंधान संस्थान और कृषि विज्ञान केंद्र के समन्वय से तिलहन फसलों को बढ़ावा देने की योजना बनाने के निर्देश दिए। साथ ही राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत किसानों को उपखंडवार योजना बनाकर प्रशिक्षण देकर नवीन कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक किया जाये।
उन्होंने मृदा स्वास्थ्य कार्ड, गोवर्धन जैविक खाद, सिंचाई पाइपलाइन व फॉर्मपौंड की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि फसलों की सुरक्षा के लिए किसानों से समझाइश कर तारबन्दी योजना में लाभान्वित करें। भूमिहीन किसानों को कृषि यंत्रों के वितरण में पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि जिले में बागवानी फसलों का क्षेत्र बढ़ाकर किसानों की आमदनी में वृद्धि संभव है। इसके लिए अधिकाधिक किसानों के खेतों की मिट्टी की जांच के आधार पर अमरूद, आंवला, नींबू, बैर, प्याज एवं सब्जी उत्पादन को प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने माइक्रो सिंचाई, ड्रिप सिस्टम और जल संरक्षण तकनीकों को अपनाने पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान अभियान के तहत सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना ग्रामीण क्षेत्रों में प्रोत्साहित की जाए। बैठक में उद्यानिकी विभाग द्वारा फलों, सब्जियों एवं औषधीय फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने वाली योजनाओं की जानकारी प्रस्तुत की गई। आत्मा परियोजना, बजट घोषणाओं, कृषक भ्रमण एवं मूल्य संवर्धन गतिविधियों की भी समीक्षा की गई।
इस दौरान संयुक्त निदेशक कृषि सुरेश गुप्ता, संयुक्त निदेशक डॉ. रामकिशन महावर, पीडी आत्मा अमर सिंह विधूडी, उद्यानिकी उपनिदेशक जनकराज मीणा, उप रजिस्ट्रार सहकारिता शंचीन्द्र चतुर्वेदी सहित कृषि संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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