नवविवाहित जोड़े की अनूठी पहल पौधारोपण कर बढ़ाया पर्यावरण के प्रति जागरूकता का संदेश
भीलवाड़ा : (राजकुमार गोयल) धोरीमन्ना उपखण्ड क्षेत्र में माणकी में प्रेरणादायक उदाहरण पेश करते हुए एक नवविवाहित जोड़े ने अपनी शादी के तुरंत बाद पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। शादी के बाद जहाँ अधिकांश लोग फोटोशूट या पार्टी में व्यस्त रहते हैं, वहीं इस जोड़े ने अपनी नई जिंदगी की शुरुआत प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाते हुए की।
पर्यावरण सेवक एवं स्टेट अवार्डी शिक्षक जगदीश प्रसाद विश्नोई ने बताया कि दूल्हा-दुल्हन विश्वास-प्रियंका ने विवाह समारोह के अगले ही दिन खेत में नीम, पीपल, आम और अमरूद जैसे फलदार और छायादार पौधे लगाए।इस अवसर पर मेजबान परिवार के मुख्या प्रवीण कङवासरा, पूर्व सरपंच शंकरलाल सियाक, सरपंच मालाराम बोला, डेलिगेट हजारी एचरा, जुगताराम व मेहराज कङवासरा, रिश्तेदार और स्थानीय लोग भी उपस्थित रहे।
दूल्हा विश्वास कङवासरा ने कहा हम चाहते हैं कि हमारी नई जिंदगी की शुरुआत प्रकृति के आशीर्वाद से हो।पेड़ लगाना न केवल धरती को हरा-भरा बनाता है बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ वातावरण का उपहार भी है। दुल्हन प्रियंका बिश्नोई ने भी कहा कि शादी जीवन का नया अध्याय होती है और अगर शुरुआत अच्छे कार्य से की जाए तो उसका महत्व और बढ़ जाता है। हम सभी को हर शुभ अवसर पर कम से कम एक पौधा जरूर लगाना चाहिए।
स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना की और कहा कि यह कदम समाज के लिए प्रेरणादायक है।
इस दौरान वृक्षमित्र हरिराम गोदारा खाराणी ने अपने संबोधन में बताया कि यदि हर व्यक्ति अपने जीवन के विशेष अवसर पर एक पौधा लगाए तो धरती फिर से हरी-भरी बन सकती है। अंत में नवदम्पति ने सभी से अपील की कि वे भी अपने जन्मदिन, शादी या किसी अन्य खुशी के अवसर पर पौधारोपण करें और पर्यावरण संरक्षण में योगदान दें।