खैरथल मंडी में गरजा किसानों का गुस्सा, सरकार से एमएसपी की मांग
खैरथल (हीरालाल भूरानी ) कृषि उपज मंडी में प्याज के लगातार गिरते दामों से किसानों में गहरा आक्रोश फैल गया है। लागत मूल्य से भी कम भाव मिलने के विरोध में आज मंगलवार को जिलेभर के किसानों ने किसान महापंचायत जिला अध्यक्ष वीरेंद्र चौधरी के नेतृत्व में मंडी परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। किसानों ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और प्याज पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) लागू करने, स्थायी मंडी की व्यवस्था और भंडारण सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग उठाई।
महापंचायत में प्रदेश और जिला स्तरीय किसान नेता बड़ी संख्या में शामिल हुए। धरना स्थल पर किसानों का कहना था कि बाजार में प्याज के भाव 6 से 8 रुपये प्रति किलो तक गिर चुके हैं, जबकि उत्पादन लागत 25 रुपये प्रति किलो तक आती है। ऐसे में किसान भारी घाटे में हैं और आर्थिक संकट झेल रहे हैं। कई किसान अपने ट्रैक्टरों में प्याज भरकर मंडी पहुंचे, लेकिन औने-पौने दाम देखकर उन्होंने अपनी उपज बेचने से इनकार कर दिया। कुछ किसान अपनी प्याज को वापस लेकर गए और कई ने गुस्से में खेतों या गौशालाओं में प्याज डाल दी। किसान नेता वीरेंद्र चौधरी ने कहा कि सरकार अगर जल्द प्याज पर एमएसपी लागू नहीं करती और स्थायी मंडी की व्यवस्था नहीं करती, तो किसान आंदोलन को और व्यापक करेंगे।
धरना-प्रदर्शन के बाद किसानों ने अतिरिक्त जिला कलेक्टर शिवपाल जाट को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा, जिसमें प्याज के दाम स्थिर करने और किसानों को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की गई। इस मौके पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रोहतास बोहरा, प्रदेश संयोजक सत्यनारायण सिंह चौहान, प्रदेश उपाध्यक्ष रोहतास कपूरिया, प्रदेश महामंत्री सुंदरलाल, प्रदेश मीडिया प्रभारी सुरेश, जिला अध्यक्ष वीरेंद्र चौधरी सहित अनेक किसान नेता मौजूद रहे। किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने जल्द ही समाधान नहीं निकाला, तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी बनाया जाएगा।