शहर की सफाई व्यवस्था चरमराई, कचरे के लगे ढेर
लक्ष्मणगढ़ (अलवर/कमलेश जैन) प्रतिमाह शहर की सफाई पर लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं हो पा रहा है। बार-बार अस्थाई सफाई कर्मचारियों की हड़ताल पालिका अधिकारियों की लापरवाही के चलते जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं ।नालियां गंदगी से अटी पड़ी है। जिससे नालियां ओवरफ्लो होने के कारण गंदा पानी सड़क पर जमा हो जाता है।
अस्थायी सफाई कर्मचारियों का बहिष्कार पांचवे दिन भी जारी हैं।नगर पालिका में ठेके पर कार्यरत कर्मचारियों व कचरा संग्रहण करने वाले सहित कर्मचारियों की हडताल शनिवार को पांचवे दिन भी जारी रही। इसकाअसर अब शहर में दिखने लगा। बाजार गली मौहल्लों में कचरा नहीं उठाए जाने से शहर में गंदगी फैलने लगी है।
कचरा संग्रहण नहीं होने के कारण कचरे पात्र भर गए। शहर के कई प्रमुख मार्गों पर कचरे के ढेर लग गये है, पालिका प्रशासन बेपरवाह बना हुआ है। इसके परिणामस्वरूप जगह-जगह कूड़े के ढेर, बंद नालियां और जलभराव जैसी समस्याएँ उत्पन्न हो गई है। जिससे बीमारियों और हादसों का खतरा बढ़ गया है।
कर्मचारियों और अधिकारियों की लापरवाही के कारण सफाई कर्मियों की बार-बार हड़ताल हो जाने से व्यवस्था चरमरा गई है। बंद हुई नालियों से कूड़े और गंदगी के ढेर के कारण बदबू फैलरही है। मच्छरों की संख्या बढ़ रही है।
गंदगी और जलभराव से संक्रामक बीमारियाँ फैलने का खतरा बढ़ गया है। कूड़े के ढेर सड़कों पर जमा हो जाने से सामान्य जनजीवन बाधित हो रहा है।
आवारा पशुओं का झुंड कूड़े के ढेर के आसपास जमा हो जाते है, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है।नगर पालिका को तुरंत नाली और सड़कों की सफाई का काम शुरू कराना चाहिए।आगामी व्यवस्था में सुधार के लिए नगर पालिका प्रशासन की प्रभावी निगरानी की आवश्यकता है।
नागरिक सुभाष रोणपुर जैकी खंडेलवाल प्रकाश प्रजापत अशोक गाबा अंकित खारवाल सतीश बसवाल समस्याओं की शिकायत संबंधित अधिकारियों से कर चुके हैं। लेकिन अभी तक कोई सुधार नजर नहीं आया है।