उच्चैन के पूर्व प्रधान हिमांशु अवाना को सुप्रीम कोर्ट ने दिया करारा झटका, लगाया 8 लाख का जुर्माना
भरतपुर। (कौशलेंद्र दत्तात्रेय) राजस्थान में भरतपुर जिले की उच्चैन पंचायत समिति में पारित अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में दायर की गई याचिका की सुनवाई के दौरान गलत तथ्य प्रस्तुत करने पर उच्चै पंचायत समिति के पूर्व प्रधान हिमांशु अवाना पर अदालत ने 8 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। पंचायत समिति के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 12 अगस्त 2025 को पंचायत समिति में हिमांशु अवाना के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया। 15 में से 13 सदस्यों ने प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया, जिसके बाद हिमांशु को पद से हटा दिया गया। दो दिन बाद, 14 अगस्त को पद रिक्त घोषित हुआ और 16 अगस्त 2025 को राम अवतार सिंह को नया प्रधान चुन लिया गया। हिमांशु अवाना की तरफ से अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिका पर सुनवाई के दौरान सितंबर 2025 में प्रारंभिक चरण में उनके पक्ष में आदेश देते हुए राज्य सरकार को उन्हें पुनः पद ग्रहण करवाने का निर्देश दिए गए। सुनवाई के दौरान राम अवतार सिंह की ओर से दलील पेश करते उनके अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि हिमांशु ने कोर्ट को भ्रामक तथ्य दिए और कहा कि प्रधान का पद खाली है जबकि उसी दौरान राम अवतार सिंह विधिवत रूप से प्रधान चुने जा चुके थे। राज्य सरकार के वकील ने भी इस तथ्य की पुष्टि की। इसके बाद अदालत ने हिमांशु अवाना को गलत जानकारी देने का दोषी मानते हुए 8 लाख रुपये की जुर्माना लगा दिया। पूर्व प्रधान हिमांशु अवाना भरतपुर के नदबई विधानसभा क्षेत्र के निवर्तमान विधायक जोगिंदर सिंह अवाना के बेटे है।