बाल दिवस के अवसर पर बाल सरपंचों ने गांवों में संभाली एक दिन के लिए ग्राम पंचायत प्रशासक की कमान
अलवर जिला के उपखण्ड थानागाजी में बाल दिवस के अवसर पर शुक्रवार को सत्यार्थी मूवमेंट फॉर ग्लोबल कम्पैशन (बाल आश्रम) द्वारा संचालित बाल मित्र ग्राम किशोरी , बामनवास चौगान, सिलीबावड़ी में एक खास कार्यक्रम “बाल सरपंच – एक दिन का ग्राम सरपंच” आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में बाल पंचायतों के बाल सरपंचों ने एक दिन के लिए असली ग्राम सरपंच की जिम्मेदारी संभाली और गांव की समस्याओं पर चर्चा करते हुए उनके समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए। इस अवसर पर बाल मित्र ग्राम किशोरी में ग्राम पंचायत प्रशासन गीता देवी बंजारा ने ग्रामीणों की मौजूदगी में बाल सरपंच दिव्या को अपना कार्यभार सौंपा । बामनवास चौगान में ग्राम पंचायत प्रशासक देवेंद्र शर्मा ने बाल सरपंच सानिया , सिलीबावड़ी में ग्राम पंचायत प्रशासक मल्ली देवी ने पूनम को एक दिन के लिए अपना दायित्व सौंपा । उल्लेखनीय है कि इस पहल का उद्देश्य था कि बच्चे भी नेतृत्व करना सीखें, अपनी बात बेझिझक रखें और समझें कि पंचायत कैसे काम करती है। इसके लिए पूर्व में बाल मित्र ग्राम की ओर से ग्राम पंचायत प्रशासक को एक पत्र भेजा गया था जिसमें बच्चों को एक दिन के लिए पंचायत की अध्यक्षता देने का अनुरोध किया गया था । मंजूरी मिलने के बाद बाल पंचायत के बच्चों ने अपने गांव की प्रमुख समस्याओं की सूची बनाई और पंचायत की बैठक में सबके साथ मिलकर उन पर चर्चा की। पंचायत भवन में आयोजित इस बैठक में ग्राम पंचायत प्रशासक, पंचायत सदस्य, बाल पंचायत, महिला मंडल, युवा मंडल, शिक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, अभिभावक और गांव के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। इस दौरान ग्राम पंचायत प्रशासको ने अपनी कुर्सी प्रतीकात्मक रूप से बाल सरपंच को सौंप दी। बच्चों ने पूरे आत्मविश्वास के साथ बैठक का संचालन किया और आस-पास के इलाकों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने जो समस्याएँ देखीं, उन्हें पंचायत के सामने रखा । बाल आश्रम से आदेश कुमार ने बताया कि इस कार्यक्रम से कई अच्छे बदलाव देखने को मिले। पहली बार बच्चों ने पंचायत की कुर्सी संभाली और निर्णय लेने की प्रक्रिया में हिस्सा लिया। समुदाय ने बच्चों की बातों को गंभीरता से लिया और कुछ जगहों पर तुरंत सुधार के कदम भी उठाए गए ।