भरतपुर को मिली खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स की बड़ी सौगात,लोहागढ़ स्टेडियम में गूंजेगी दंगल और मुक्केबाज़ी की दहाड़
भरतपुर (कोशलेन्द्र दत्तात्रेय) भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा उच्च शिक्षा के क्षेत्र के खिलाड़ियों के सर्वोच्च टूर्नामेंट खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स का आयोजन इस बार राजस्थान में होने जा रहा है। 24 नवंबर से 5 दिसंबर तक प्रस्तावित इस भव्य खेल महाकुंभ में पहली बार राजस्थान मेजबानी की ऐतिहासिक भूमिका निभाएगा। राज्य के माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने अपने गृह जिले भरतपुर को खास सौगात देते हुए कुश्ती और बॉक्सिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन भरतपुर के लोहागढ़ स्टेडियम में करवाने की घोषणा की है। इससे भरतपुर के खेल इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है।
खेल जगत के लिए यह निर्णय किसी उपहार से कम नहीं। इससे जहां खिलाड़ियों में उत्साह का संचार हुआ है, वहीं भरतपुर का नाम भी राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर और अधिक चमकेगा। देशभर की प्रमुख यूनिवर्सिटियों से सैकड़ों खिलाड़ी अपने-अपने खेल कौशल का प्रदर्शन करने भरतपुर की धरती पर पहुंचेंगे। यह आयोजन स्थानीय प्रतिभाओं को भी बड़े स्तर पर प्रेरित करेगा।
जिला ओलंपिक संघ के अध्यक्ष डॉ. शैलेश सिंह, विधायक डीग कुम्हेर एवं जिला ओलंपिक संघ के सचिव डॉ. रमेश इंदौलिया ने सभी राज्यों से आने वाली टीमों, कोचों एवं खिलाड़ियों का भरतपुर में हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया है। उन्होंने कहा कि भरतपुर की ऐतिहासिक और वीरों की यह पावन भूमि हमेशा से खिलाड़ियों को सम्मान देती रही है और खेल भावना को बढ़ावा देती रही है। खेलो इंडिया जैसे राष्ट्रीय आयोजन से भरतपुर के युवा और अधिक प्रेरित होंगे।
जिला ओलंपिक संघ पदाधिकारियों ने भरतपुर के नागरिकों, खेल प्रेमियों और समाज के सभी वर्गों से अपील की है कि वे इस आयोजन को यादगार और सफल बनाने में भरपूर सहयोग दें।
उन्होंने कहा कि भरतपुर की जनता अपने आतिथ्य सत्कार और प्रेम के लिए प्रसिद्ध है, और एक बार फिर पूरे देश के सामने भरतपुर की यह छवि दमदार तरीके से प्रदर्शित होगी। उन्होंने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से जिले में खेल संरचनाओं का विकास होगा, साथ ही यहां के खेल पर्यटन को नई दिशा मिलेगी। खिलाड़ियों, अधिकारियों एवं दर्शकों के आगमन से जिले की स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सकारात्मक लाभ मिलेगा।
डॉ. रमेश इंदौलिया ने कहा कि खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स का यह भव्य आयोजन जहां भारत में खेल संस्कृति को नई ऊंचाई देने का प्रयास है, वहीं भरतपुर की मिट्टी के लिए गर्व का क्षण भी। लोहागढ़ की गौरवशाली धरती अब खेलों की लोहागढ़ बनकर देश के श्रेष्ठ खिलाड़ियों की चुनौतियों और जीत का साक्षी बनेगी।