बाल वाहिनी योजना की पालना के लिये परिवहन विभाग की सख्ती
भरतपुर, (कौशलेंद्र दत्तात्रेय) राज्य सरकार द्वारा स्कूली छात्र-छात्राओं के सुरक्षित आवागमन हेतु संचालित बाल वाहिनी योजना की प्रभावी पालना सुनिश्चित कराने के लिए परिवहन विभाग द्वारा सख्त कार्रवाई की जा रही है। प्रायः यह देखा गया है कि कई शैक्षणिक संस्थानों द्वारा योजना में वर्णित नियमों का पूर्णतः पालन नहीं किया जाता, जिससे विद्यार्थियों की सुरक्षा प्रभावित होती है। इसी परिप्रेक्ष्य में राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा बाल वाहिनी योजना की मॉनिटरिंग करते हुए परिवहन विभाग को कठोरता से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला परिवहन अधिकारी अभय मुदगल ने बताया कि निर्देशों की पालना में परिवहन विभाग द्वारा बाल वाहिनी वाहनों की सघन जांच लगातार की जा रही है। 22 नवंबर से नियमित उड़नदस्ते तैनात किए गए हैं, जो सुबह-शाम स्कूल समय पर विशेष निगरानी कर रहे हैं। हाल ही में विभाग द्वारा 40 बाल वाहिनी वाहनों की जांच की गई, जिनमें से 4 वाहनों को योजना की शर्तों के उल्लंघन पर चालान जारी किए गए। इसके अलावा विभाग द्वारा पूर्व में भी सख्त कार्रवाई करते हुए 31 जुलाई 2025 तक फिटनेस न कराने वाली 103 बाल वाहिनियों के पंजीयन प्रमाण पत्र निलंबित किए गए थे। मोटर वाहन अधिनियम की धारा 53(1) के अंतर्गत बिना फिटनेस पाए जाने पर 29 बाल वाहिनी वाहनों को पंजीयन प्रमाण पत्र निलंबन हेतु नोटिस भी जारी किए गए हैं।
जिला परिवहन अधिकारी ने जिले के सभी संस्था प्रधानों से अनुरोध किया है कि वे अपने वाहनों की फिटनेस समय पर करवाएं तथा बाल वाहिनी योजना के दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाल वाहिनी वाहनों का उपयोग किसी अन्य परिवहन कार्य में नहीं किया जाए। साथ ही गैर-स्कूल स्वामित्व वाले वाहनों का नियमित निरीक्षण, स्कूल परिसर में चढ़ने-उतरने हेतु सुरक्षित स्थान निर्धारित करने, चालक-परिचालक का समय पर मेडिकल परीक्षण कराने तथा छात्र-छात्राओं की सुरक्षा से जुड़े अन्य प्रावधानों की पूर्णतः पालना करना अनिवार्य है। परिवहन विभाग ने चेतावनी दी है कि बाल वाहिनी नियमों की अवहेलना करने पर आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।


