सैमलाखुर्द में आयोजित ग्रामीण सेवा फॉलो-अप शिविर’ में नासिरा को मिली सपनों के आशियाने की चाबी
गोविंदगढ़ (अलवर)। प्रशासन द्वारा आयोजित ‘ग्रामीण सेवा फॉलो-अप शिविर’ गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। उपखंड के ग्राम पंचायत सैमला खुर्द में आयोजित शिविर के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत लाभार्थी नासिरा (पत्नी जहूर खां) को उनके पक्के मकान की चाबी सौंपकर गृह प्रवेश कराया गया।
शिविर में प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा योजना के नियमानुसार लाभार्थी नासिरा को मकान निर्माण के लिए स्वीकृत समस्त किश्तों का पूर्ण भुगतान करने के साथ-साथ मनरेगा के तहत मिलने वाले निर्धारित रोजगार दिवसों की राशि भी प्रदान की गई। सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद लाभार्थी को नए घर की चाबी सौंपी गई।
- नासिरा ने बताया कि बारिश में भीग जाता था सामान, हर वक्त रहता था डर"
अपनी सफलता की कहानी साझा करते हुए नासिरा ने बताया कि पहले उनका परिवार कच्चे मकान में रहने को मजबूर था। वर्षा ऋतु में घर में पानी टपकने से गृहस्थी का कीमती सामान भीगकर खराब हो जाता था। आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण वे पक्का मकान बनाने में असमर्थ थीं और हमेशा चिंतित रहती थीं।
- वार्ड पंच की जानकारी से खुला तरक्की का रास्ता
नासिरा ने बताया कि उन्हें स्थानीय वार्ड पंच से प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी मिली। जब उन्होंने ग्राम पंचायत में संपर्क किया, तो पता चला कि उनका नाम 'SECC 2011' की वरीयता सूची में अंत में दर्ज है। वर्ष 2024–25 में ग्राम विकास अधिकारी (VDO) ने उन्हें आवास स्वीकृत होने की खुशखबरी दी, जिसके बाद उन्होंने निर्माण कार्य शुरू कराया।
- "अंतिम व्यक्ति तक पहुंची सरकार"
चाबी प्राप्त करने के बाद भावुक हुई लाभार्थी नासिरा ने अपनी खुशी का इजहार करते हुए कहा, "अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक सरकार और प्रशासन की पहुंच की कड़ी के रूप में ये कैम्प हम जैसे ग्रामीण और जरूरतमंद लोगों के लिए बेहद उपयोगी साबित हुए हैं।" उन्होंने अपने इस सपने को पूरा करने के लिए राज्य सरकार, अलवर जिला कलेक्टर महोदया एवं संपूर्ण स्थानीय प्रशासन का सहदय आभार व्यक्त किया।
तहसीलदार रोहित मीणा ने बताया कि इस प्रकार के फॉलो-अप शिविरों का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं को दूर कर लाभार्थियों को तुरंत और पारदर्शी तरीके से उनका हक दिलाना है।


