खैरथल में गूंजा जागरूकता का मंत्र:छात्राओं ने सीखे डिजिटल साक्षरता और महिला सुरक्षा के गुण
खैरथल / राजस्थान
डिजिटल युग में बालिकाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों को मजबूत करने के उद्देश्य से राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, खैरथल में एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यशाला 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' योजना के तहत महिला अधिकारिता विभाग, महिला पुलिस थाना खैरथल और स्पेक्ट्रा संस्था के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई।
कार्यशाला के दौरान छात्राओं को साइबर अपराधों से बचाव, इंटरनेट के सुरक्षित इस्तेमाल, डिजिटल साक्षरता और महिला सुरक्षा से जुड़े विभिन्न कानूनों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
???? सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से करें इस्तेमाल: थानाधिकारी नंदलाल
कार्यक्रम में महिला पुलिस थाना खैरथल के थानाधिकारी नंदलाल ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। उन्होंने छात्राओं को ऑनलाइन ठगी और साइबर क्राइम के बढ़ते मामलों के प्रति आगाह करते हुए कहा:
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सुरक्षा के तीन मंत्र: किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930, आपातकालीन सेवा 112 और 'राजकॉप सिटिजन ऐप' की मदद लें।
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सोशल मीडिया सतर्कता: अपनी निजी जानकारी, ओटीपी या फोटो किसी भी अज्ञात व्यक्ति के साथ साझा न करें और डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग जिम्मेदारी से करें।
⚖️ लाडो प्रोत्साहन योजना और कानूनी अधिकारों की दी जानकारी
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सशक्तीकरण और योजनाएं: महिला अधिकारिता विभाग की ब्लॉक सुपरवाइजर नीरज शर्मा ने 'लाड़ो प्रोत्साहन योजना', बाल विवाह निषेध, पॉक्सो (POCSO) अधिनियम और डिजिटल साक्षरता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बेटियों को शिक्षा के साथ आत्मनिर्भर बनने और सुरक्षित डिजिटल नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।
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कानूनी मदद और संरक्षण: महिला सुरक्षा सलाह केंद्र की लीगल एडवाइजर कोयल जाटव ने छात्राओं व उपस्थित महिलाओं को घरेलू हिंसा अधिनियम (DV Act) और उपलब्ध मुफ्त कानूनी सहायता सेवाओं की बारीकियां समझाईं।
????️ बाल अधिकारों और सुरक्षा सखियों की भूमिका पर जोर
स्पेक्ट्रा संस्था के जिला समन्वयक गुलाब शर्मा ने बाल श्रम, बाल विवाह और बच्चों के मौलिक अधिकारों पर बात रखते हुए सभी को एक जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया।
ग्राम पंचायत स्तर तक पहुंचेगी मुहिम:
कार्यशाला में निर्णय लिया गया कि सुरक्षा सखियों के माध्यम से इस अभियान को केवल शहर तक सीमित न रखकर ग्राम पंचायत स्तर तक ले जाया जाएगा, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियां भी डिजिटल रूप से साक्षर और सुरक्षित बन सकें।
???? कार्यक्रम में रही गरिमामयी उपस्थिति
इस जागरूकता कार्यक्रम में स्कूल स्टाफ, विभागीय अधिकारी, सुरक्षा सखी ओमवती व सुष्मा सहित बड़ी संख्या में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने सवाल पूछकर संशयों का निवारण किया।


