भक्ति रस में डूबा सकट कस्बा: सिर पर मंगल कलश, हाथों में ध्वज... आसन की डूंगरी पर उमड़ा आस्था का सैलाब
सकट / अलवर
सकट कस्बे के आसन की डुंगरी स्थित ख़ाक नाथ बाबा मंदिर परिसर में गुरुवार को धार्मिक उत्साह और विधि-विधान के साथ श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का भव्य शुभारंभ हुआ। कथा के पहले दिन कस्बे में देव ध्वज और कलश पूजन के साथ एक विशाल एवं नयनरमीय कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में सराबोर नजर आया।
आयोजक कमेटी के छुट्टन लाल मीणा ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा का यह आयोजन क्षेत्र की समृद्धि और शांति की कामना को लेकर आयोजित किया जा रहा है।
???? बांके बिहारी मंदिर से रवाना हुई भव्य यात्रा
कलश यात्रा प्रातः 9:15 बजे शुभ मुहूर्त में सकट स्थित श्री बांके बिहारी जी महाराज मंदिर से पूजन-अर्चन और बैंड-बाजे की मधुर स्वर लहरियों के साथ रवाना हुई।
यह यात्रा कस्बे के श्री सीताराम जी मंदिर, चौथ माता मंदिर, चतुर्भुज नाथ महाराज मंदिर, रघुनाथ जी मंदिर, थाई वाले हनुमान जी, गांव वाले बाबा और चामुंडा माता मंदिर की परिक्रमा करते हुए कथा स्थल आसन की डूंगरी ख़ाक नाथ जी मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। यात्रा के मार्ग में आने वाले सभी मंदिरों में विशेष आरती उतारी गई।
???? जगह-जगह पुष्प वर्षा से स्वागत, ढोल-नगाड़ों पर थिरकीं महिलाएं
कलश यात्रा में श्रद्धा का अनुपम दृश्य देखने को मिला:
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अग्रभाग में ध्वज पताकाएं: यात्रा के आगे-आगे पुरुष श्रद्धालु हाथों में धर्म ध्वज लेकर भगवान के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे।
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सिर पर कलश और मंगल गीत: पीछे पारंपरिक और नए परिधानों में सजी-धजी सैकड़ों महिलाएं सिर पर मंगल कलश धारण कर भागवत भजन गाती हुई आगे बढ़ रही थीं।
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पुष्प वर्षा से स्वागत: ग्रामीणों ने अपने-अपने घरों और चौराहों से यात्रा पर जमकर फूलों की बारिश की। कई महिला श्रद्धालुओं ने बैंड-बाजे की धुन पर भाव-विभोर होकर नृत्य भी किया।
⏰ दोपहर 12 से 4 बजे तक कथा, 29 को भंडारा
कथावाचक संत साईं राम द्वारा प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक श्रीमद्भागवत कथा का अमृतपान कराया जाएगा। इस धार्मिक आयोजन का समापन 29 जुलाई को महापूर्णाहुति और विशाल भंडारे (प्रसादी) के साथ होगा।
???? प्रमुख हस्तियों और ग्रामीणों की रही मौजूदगी
कलश यात्रा एवं कथा शुभारंभ के अवसर पर महंत देवदास महाराज, जगदीश नाथ, सरपंच प्रतिनिधि फूलचंद सैनी, पूर्व मंडल अध्यक्ष डॉ. कमल जैन, नरसी राम मीणा, सोहनपाल सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और श्रद्धालु मौजूद रहे।
- राजेन्द्र मीना

