भरतपुर (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) जिला कलक्टर कमर चौधरी की अध्यक्षता में सोमवार को जिला स्तरीय बाल श्रमिक टास्क फोर्स, बंधक श्रमिक सतर्कता समिति, ई-श्रम, प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना तथा बी.ओ.सी.डब्ल्यू टास्क फोर्स की संयुक्त बैठक जिला कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न श्रम संबंधी योजनाओं एवं श्रमिक कल्याण उपायों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
जिला कलक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि श्रम उपकर लक्ष्य की पूर्ण प्राप्ति हेतु जिले के सभी निजी निर्माण स्थलों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों एवं संस्थानों का नियमित सर्वे किया जाए तथा उपकर जमा कराने में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। उन्होंने कहा कि बाल श्रम एक दण्डनीय अपराध है और इसे रोकने के लिए जिला प्रशासन पूरी सख्ती से कार्रवाई करेगा। इस क्रम में उन्होंने सभी मैरिज गार्डन, बैंड पार्टी संचालकों एवं आयोजनकर्ताओं को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए, जिसमें स्पष्ट किया जाए कि किसी भी आयोजन या कार्यक्रम में बाल श्रमिकों का प्रयोग न किया जाए। यदि किसी भी आयोजन में बाल श्रम पाया जाता है तो सम्बंधित के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
संभागीय संयुक्त श्रम आयुक्त प्रदीप कुमार ने बताया कि जिले में श्रम उपकर का लक्ष्य 15 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है, जिसके विरुद्ध 12.03 करोड़ रुपये की वसूली अब तक की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि भरतपुर जिले में लगभग 1,12,000 निर्माण श्रमिक पंजीकृत हैं। श्रमिकों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु निजी निर्माण स्थलों का सर्वे निरंतर किया जा रहा है तथा उपकर जमा कराने की कार्रवाई नियमित रूप से की जा रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि जिले के सभी नियोजकों से बाल श्रम न कराए जाने संबंधी बंधपत्र भरवाए गए हैं, ताकि बाल श्रम उन्मूलन अभियान को मजबूत गति मिल सके। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों ने अपनी-अपनी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत कर आगे की कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया।