कामां को कामवन बनाने के लिए स्वर्णकार समाज द्वारा दिया गया ज्ञापन
कामां (रेखब चन्द शर्मा) आज स्वर्णकार समाज कामां द्वारा आज उपखंड अधिकारी को कामां को कामवन बनाने के लिए ज्ञापन दिया गया जिसमें बताया गया कि कामां धार्मिक पौराणिक व ब्रज मंडल की सांस्कृतिक नगरी कामवन हैं जिसका वर्तमान नाम अपभ्रंश होते-होते कामां हो गया है। जबकि शास्त्रों एवं उपलब्ध अभिलेखों में इस नगरी का प्राचीन नाम कामवन थाजो कि भगवान श्री कृष्ण की बाल क्रीड़ाओं के चित्रण का जीवन्त उदाहरण भी है। स्वर्णकार समाज के अध्यक्ष हरिओम सोनी ने कि आज मंगलवार को उपखण्ड अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार , एवं जिला कलेक्टर, को एक ज्ञापन देकर कामां को कामवन नाम लौटने की मांग की।
उन्होंने कहा की कामां को पौराणिक शास्त्रों में आदि वृंदावन कामवन के नाम से पढ़ा व जाना जाता है। यह बृज क्षेत्र का मूलाधार है। भगवान श्री कृष्ण की क्रीड़ा स्थली इसे यूं ही नहीं कहा जाता है यहां पर श्री चंद्रमा जी, श्री मदन मोहन जी, मंदिर श्री गोपीनाथ जी, विमल कुंड, श्री कामेश्वर महादेव, श्री वृंदा देवी मंदिर,भोजन थाली, चरण पहाड़ी, भस्मासुर की गुफा,ऐसे सैकड़ो तीर्थ स्थान दर्शनीय ही नहीं बल्कि देश-विदेश के भक्तों का एवं पर्यटकों का मन मोह लेते हैं। इन दिनों दिन प्रतिदिन पर्यटकों का आवागमन बहुत तेजी से बढ़ रहा है।
बृज चौरासी कोस यात्रा का सबसे अधिक पांच दिनों का पड़ाव स्थल कामवन धाम है। जहां यात्री मंदिर मनोरथों के दर्शनों का लाभ प्राप्त कर अपने आप को धन्य समझते हैं। सरकार को चाहिए कि ग्रन्थों- पुराणों से बृज चौरासी महात्म का अध्ययन करावे। आमजन की मांग को ध्यान में रखते हुए कामां का प्राचीन नाम कामवन अविलंब घोषित किया जाए सरकार में बैठे मंत्रिमंडल सदस्य कामां के इतिहास से भली-भांति परिचित है।
कामां को कामवन बनाने के लिए स्वर्णकार समाज के पदाधिकारियों, गणमान्य एवम् सदस्यो ने ज्ञापन दिया। ज्ञापन देने वालों में लक्ष्मण प्रसाद सोनी, संरक्षक, पवन कुमार सोनी महामंत्री, गिर्राज सोनी, मोनू सोनी ,अशोक सोनी, राजू सोनी पूर्व अध्यक्ष, जगदीश प्रसाद सोनी, जयप्रकाश सोनी,पिंटू सोनी, ललित सोनी, बिल्लू सोनी, जगदीश सोनी शिवार वाले, जगदीश सोनी नला बाजार, भोला सोनी एवं अन्य स्वर्णकार समाज के पदाधिकारी एवं सदस्यों ने कामां को कामवन बनाने के लिए एकत्रित होकर ज् उपखंड अधिकारी को ज्ञापन दिया।