बाजार में घूम रहे हैं 200रुपये के नकली नोट, व्यापारी परेशान
लक्ष्मणगढ़ (अलवर/ कमलेश जैन) कस्बे के बाजार में 200 रुपये के नकली नोट प्रचलन में है, जो बिल्कुल असली जैसा दिखता है। नकली 200 के नोट देखने में असली नोट से काफी मिलते-जुलते हैं और इनमें अंतर बता पाना आमतौर पर मुश्किल होता है।
08 नवंबर 2016 की रात हुई नोटबंदी के बाद जारी 200 रुपये के अब नकली नोट बाजार में आ गया है। इससे बाजार, व्यवसाय और हर आमो-ख़ास व्यक्ति परेशान हो रहा है। जब व्यवसायी ऐसे नकली नोट लेकर बैंक जा रहे हैं तो उनको ज्ञात हो रहा है कि उनके पास 200 रुपये के एक या इससे अधिक नोट नकली हैं।
कस्बे के खंडेलवाल धर्मशाला के पास कल बुधवार को दुकानदारों के पास कोई गैंग ₹200 -200 के नोट अलग-अलग दुकानदारों को देकर माल ले गया।
सचिन गाबा, (लकी) लोकेश कुमार किराना व्यवसाई मुकेश खंडेलवाल फल फ्रूट विक्रेता सतीश बसवाल खाद बीज विक्रेता के यहां यह मामला घटित हो गया। इससे व्यापारियों में गहरी चिंता का विषय बना हुआ है।
सरकार ने कुछ पहचान चिह्नों को सूचीबद्ध किया है जिनकी मदद से नकली नोटों की पहचान करना संभव होगा। ऐसा कोई नकली नोट आ जाए तो उसे पहचानना आसान हो जाएगा।
लिखावट में उभार नहीं, हरे रंग की सुरक्षा रेखा अस्पष्ट,
बीज विक्रेता सतीश बसवाल भाजपा के जैकी खंडेलवाल प्रकाश प्रजापत का कहना था कि नकली नोट गुणवत्ता और मुद्रण के मामले में असली नोटों के समान ही होते हैं, जिससे उन्हें पहचानना बहुत कठिन होता है। इसका रंग और बनावट भी एक जैसी है। जल्दी में यह देखना संभव नहीं हो पाता है।

