गोविंदगढ़ में करोड़ों की SNCU यूनिट बंदः हर माह दर्जनों नवजात अलवर रेफर, स्टाफ-सुविधाओं की कमी
गोविंदगढ़ (अलवर) अलवर के गोविंदगढ़ स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में करोड़ों रुपये की लागत से बनी अत्याधुनिक स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (SNCU) कई वर्षों से बंद पड़ी है। एक ओर जहां अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 8-10 महिलाओं की डिलीवरी कराई जा रही है, वहीं दूसरी ओर सुविधाओं के अभाव में हर माह लगभग दो दर्जन गंभीर नवजात शिशुओं को अलवर रेफर करना पड़ रहा है।
अस्पताल के बाल वार्ड में ऑक्सीजन प्लांट भी पूरी तरह से चालू नहीं हो पाया है। इसके कारण बच्चों के इलाज में लगातार बाधा आ रही है, जिससे कई बच्चों को उच्च उपचार के लिए अलवर रेफर करना पड़ता है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी के अनुसार, जनरेटर की अनुपलब्धता भी एक बड़ी समस्या है। बिजली गुल होने पर जनरेटर अक्सर चालू नहीं हो पाता, जिससे नवजातों के उपचार के लिए आवश्यक निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित नहीं हो पाती।
इसके अतिरिक्त, प्रशिक्षित स्टाफ की भी भारी कमी है। बाल रोग विशेषज्ञ, स्टाफ नर्स, वार्ड बॉय और अन्य आवश्यक कर्मचारियों की नियुक्ति न होने के कारण वार्ड का संचालन संभव नहीं हो पा रहा है। आधुनिक मशीनों के संचालन और रखरखाव के लिए भी प्रशिक्षित तकनीशियन तैनात नहीं किए गए हैं।
इस SNCU यूनिट में 8 रेडिएंट वार्मर, 5 फोटोथेरेपी मशीनें और 2 एचएफएनसी (हाई फ्लो नेजल कैनुला) सहित करोड़ों रुपये की आधुनिक मशीनें स्थापित हैं। तत्कालीन सरकार में विधायक साफिया खान ने 2023 में इसका उद्घाटन किया था। हालांकि, उद्घाटन के बाद से ही यह यूनिट बंद पड़ी है और क्षेत्र की जनता इन करोड़ों रुपये की मशीनों का लाभ नहीं उठा पाई है। वर्तमान विधायक सुखवंत सिंह ने भी वार्ड का निरीक्षण किया है और उच्च अधिकारियों से इस संबंध में बातचीत की है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोविंदगढ़ के इंचार्ज डॉ. एसके शर्मा ने बताया कि वार्ड में 8 रेडिएंट वार्मर, 5 फोटोथेरेपी और 2 एचएफएनसी मशीनें हैं। उन्होंने प्रशिक्षित स्टाफ, ऑक्सीजन प्लांट और जनरेटर की कमी को यूनिट के संचालन में मुख्य बाधा बताया। डॉ. शर्मा के अनुसार, इन कमियों को पूरा करने पर यूनिट जल्द ही शुरू हो जाएगी और आम जनता को इसका लाभ मिल सकेगा।