जिले के किसानों को स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध होंगे कृषि उपकरण - जिला कलक्टर
भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) जिला कलक्टर कमर चौधरी ने कस्टम हायरिंग सेंटर योजना के तहत कलस्टर लेवल फेडरेशन से जुडी महिलाओं के 6 स्वयं सहायता समूहों को आधुनिक कृषि यंत्रों के साथ ट्रैक्टरों की चाबी सौंपकर हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर सीईओ जिला परिषद मृदुल सिंह, अतिरिक्त कलक्टर प्रशासन घनश्याम शर्मा, राजीविका जिला प्रबंधक भारती भारद्वाज सहित जिलेभर की स्वयं सहायता समूह की महिलाऐं उपस्थित रही।
जिला कलक्टर ने कहा कि किसानों की आमदनी दोगुनी कर आधुनिक कृषि के लिए संसाधन उपलब्ध कराने हेतु कृषि किसान कल्याण मंत्रालय की यह महत्वपूर्ण पहल है। इससे लघु एवं सीमांत किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र किराये पर उपलब्ध हो सकेंगे, ताकि वे कम लागत में समय पर कृषि कार्य कर सकें। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को कस्टम हायरिंग सेंटर से होने वाली आय से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनेंगी तथा क्षेत्र के लघु सीमांत किसानों को रियायती दर पर आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध हो सकंेगे।
सीईओ जिला परिषद ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को कृषि कार्य के समय स्थानीय स्तर पर आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध होने से लघु किसान लाभान्वित होंगे। उन्होंने बताया कि कस्टम हायरिंग सेंटर संचालन से राजीविका के समूह की महिलाऐं कृषि के क्षेत्र में भी नवाचार करेंगी।
जिला प्रबंधक राजीविका ने बताया कि बजट घोषणा के अनुसार, केन्द्र सरकार द्वारा कलस्टर लेवल फेडरेशन को सब्सिडी दर पर 7 लाख की राशि ट्रेक्टर के लिये प्रदान की गई है। जबकि शेष निवेश कलस्टर लेवल फेडरेशन द्वारा किया गया है। कृषि यंत्र की खरीद स्वामित्व एवं संचालन का अधिकार पूर्ण रूप से कलस्टर लेवल फेडरेशन के पास रहता है। उन्होंने बताया कि क्लस्टर लेवल फेडरेशन से जुड़ी स्वयं सहायता समूह की महिलाएँ इन यंत्रों के संचालन एवं किराये की व्यवस्था कर अपने ही गाँव में आय अर्जित कर सकेंगी। जिससे उनकी आर्थिक सशक्तता बढ़ेगी।
लघु किसानों को मिलेंगे उन्नत उपकरण
कस्टम हायरिंग सेंटर खुलने से जिले के ऐसे लघु एवं सीमांत किसान जो ट्रैक्टर व आधुनिक उपकरण नहीं खरीद सकते हैं उन्हंे सस्ती दरों पर आधुनिक उपकरण की सुविधा मिल सकेगी। महिला समूहों द्वारा कस्टम हायरिंग सेंटर के माध्यम से ट्रेक्टर से संचालित होने वाले कृषि उपकरणों को और अधिक मात्रा में बढाया जायेगा। रोटावेटर, थ्रेसर, ट्रॉली सहित अन्य उपकरण भी धीरे-धीरे समूहों के माध्यम से इन सेंटरों पर उपलब्ध होंगे। इससे जिले के किसानों को आधुनिक खेती के लिये स्थानीय स्तर पर उपकरण मिल सकेंगे। इस योजना से खेती की लागत में कमी, कृषि उत्पादकता में वृद्धि, ग्रामीण स्तर पर रोजगार सृजन तथा महिलाओं की आय एवं आत्मनिर्भरता में उल्लेखनीय सुधार होगा।
यहां खुले कस्टम हायरिंग सेंटर
कस्टम हायरिंग सेंटर के तहत कलस्टर लेवल फेडरेशन से जुडी स्वयं सहायता समूह उच्चैन में आरती, सेवर में जागो सखी, कुम्हेर में प्रतिज्ञा, भुसावर में महिला शक्ति, बयाना में सफलता एवं रूपवास में हरियाली कलस्टर लेवल फेडरेशन को ट्रैक्टर व आधुनिक उपकरण प्रदान किये।