बाल विवाह मुक्त राजस्थान अभियान: भरतपुर में जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए बाल विवाह रोकथाम की कवायद तेज
भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) राजस्थान सरकार के निर्देशानुसार महिला अधिकारिता विभाग, द्वारा अक्षय तृतीया (आखातीज), पीपल पूर्णिमा तथा अबूझ सावों के अवसर पर संभावित बाल विवाह की रोकथाम के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के अंतर्गत बाल विवाह की रोकथाम के उद्देश्य से “बाल विवाह मुक्त राजस्थान अभियान” के तहत विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं के सहयोग से निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। नदबई उपखण्ड के ग्राम पहरसर स्थित एक शिक्षण संस्थान में कार्यशाला का आयोजन हुआ।
हेल्पलाईन नम्बर 1098 पर दें सूचना
उपनिदेश महिला अधिकारिता राजेश कुमार ने बताया कि महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र (वन स्टॉप सेंटर/पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान केंद्र) के माध्यम से प्रचार-प्रसार एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। उन्होंने कार्यक्रम में महिलाओं, बालिकाओं एवं स्थानीय जनसमुदाय को बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने उपस्थित प्रतिभागियों को बाल विवाह होने की स्थिति में हेल्पलाइन नंबर 1098 पर सूचना देने के लिए प्रेरित किया तथा सभी को बाल विवाह रोकथाम हेतु शपथ भी दिलाई। इस अवसर पर प्रयास संस्था के कार्यक्रम प्रबंधक शालू हेम्ब्रोज, सुपरवाइजर निशा चौधरी सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।
उन्होंने आमजन से अपील की गई है कि वे बाल विवाह जैसी कुप्रथा के उन्मूलन में सक्रिय भागीदारी निभाएं और किसी भी संदिग्ध मामले की सूचना तत्काल संबंधित विभाग या हेल्पलाइन नंबर पर दें।


