महुवा में औषधि लाइसेंस को लेकर दवा विक्रेताओं केमिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले ने उपखंड अधिकारी को मंत्री के नाम सोपा ज्ञापन

Jan 9, 2026 - 14:13
 0
महुवा में औषधि लाइसेंस को लेकर दवा विक्रेताओं केमिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले ने उपखंड अधिकारी को मंत्री के नाम सोपा ज्ञापन

महुवा (अवधेश अवस्थी)  महुवा उपखंड मुख्यालय पर दवाई विक्रेताओं द्वारा केमिस्ट एसोसिएशन के बैनर तलेऔषधि लाइसेंस की नई शर्तों को लेकर राजस्थान सरकार के चिकित्सामंत्री के नाम उपखंड अधिकारी  मनीषा रेशम  को ज्ञापन सौंप कर सरकार से नवीन औषधि लाइसेंस शर्तों को लेकर ज्ञापन सोपा है 

ज्ञापन में बताया गया है कि राजस्थान सरकार द्वारा औषधि लाइसेंस जारी करने तथा पुराने लाइसेंसों के नवीनीकरण हेतु जो नई शर्तें प्रस्तावित की जा रही हैं, उनके कारण प्रदेश के दवा व्यवसायियों में गंभीर चिंता व्याप्त है तथा आमजन की दवा तक पहुँच भी प्रभावित होने की आशंका है।
भारत सरकार द्वारा निरंतर ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (Ease of Doing Business – EoDB) को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसका मूल उद्देश्य व्यवसाय प्रारंभ करने एवं संचालन की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी एवं बाधारहित बनाना है। किंतु औषधि लाइसेंस जारी करने एवं नवीनीकरण हेतु प्रस्तावित नई शर्तें इस नीति के स्पष्टतः विपरीत हैं।
व्यावसायिक क्षेत्र की अनिवार्यता जैसी शर्तें, जबकि अधिकांश दवा दुकानें विविधतापूर्ण गैर-व्यावसायिक क्षेत्रों में संचालित हैं, व्यवसाय को सुगम बनाने के बजाय उसे अनावश्यक रूप से जटिल एवं जोखिमपूर्ण बनाती हैं, जो ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की भावना के अनुरूप नहीं है।
प्रस्तावित व्यवस्था के अंतर्गत औषधि लाइसेंस के लिए दुकान का व्यावसायिक क्षेत्र में होना, व्यापारिक पंजीकरण एवं फायर एनओसी जैसी शर्तों को अनिवार्य किए जाने का प्रस्ताव है, जिस पर दवा व्यवसायियों को निम्नलिखित आपत्तियाँ हैं –

  • औषधि एवं प्रसाधन अधिनियम, 1940 एवं उससे संबंधित नियमों में संशोधन करने का अधिकार केवल केंद्र सरकार को है। राज्य स्तर पर इस प्रकार की अतिरिक्त शर्तें लागू करना विधिसम्मत नहीं है।
  • * राजस्थान में लगभग 90 प्रतिशत दवा दुकानें गैर-व्यावसायिक अथवा आवासीय क्षेत्रों में संचालित हो रही हैं।
  • * यहाँ तक कि अधिकांश अस्पताल परिसरों में स्थित मेडिकल स्टोर भी औपचारिक रूप से व्यावसायिक क्षेत्र में नहीं आते।
  • * जयपुर जैसे बड़े शहर में भी आज तक कई प्रमुख क्षेत्रों का भूमि उपयोग पूर्णतः व्यावसायिक घोषित नहीं किया गया है।
  • * राज्य सरकार द्वारा नर्सिंग होम को आवासीय क्षेत्रों में संचालित करने की अनुमति दी गई है, और स्वाभाविक रूप से उनसे संबंधित दवा दुकानें भी वहीं स्थित हैं।
  • * यदि केवल व्यावसायिक क्षेत्र की शर्त लागू की गई, तो प्रदेश की बड़ी संख्या में दवा दुकानें तकनीकी रूप से अवैध हो जाएंगी, जो कि न्यायसंगत, व्यावहारिक एवं जनहित में नहीं है।
  • * ऐसी शर्तें देश के किसी भी राज्य में लागू नहीं हैं।

इस प्रस्ताव के लागू होने से दवा दुकानों के नवीनीकरण व नवीन लाइसेंस लेने की प्रक्रिया रुक जाएगी, जिससे मरीजों को चिकित्सकों द्वारा लिखी गई आवश्यक दवाएँ समय पर उपलब्ध नहीं हो पाएंगी। इसका सीधा और गंभीर प्रभाव जनस्वास्थ्य पर पड़ेगा। साथ ही प्रधानमंत्री जन औषधि योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं की पहुँच भी बाधित होगी।
अतः महोदय से विनम्र निवेदन है कि उपरोक्त तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए औषधि लाइसेंस से संबंधित प्रस्तावित राज्य स्तरीय शर्तों को तत्काल स्थगित किया जाए। इस प्रस्तावित व्यवस्था पर पुनर्विचार कर स्पष्ट निर्देश प्रदान किए जाएँ एवं केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित नियमों के अनुरूप ही लागू किया जाए, ताकि दवा व्यवसाय सुचारु रूप से चलता रहे और आमजन के हित सुरक्षित रह सकें।
हम आशा करते हैं कि मंत्री महोदय इस गंभीर विषय पर सकारात्मक निर्णय लेकर जनहित में उचित निर्देश प्रदान करेंगे।

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

एक्सप्रेस न्यूज़ डेस्क बुलंद आवाज के साथ निष्पक्ष व निर्भीक खबरे... आपको न्याय दिलाने के लिए आपकी आवाज बनेगी कलम की धार... आप भी अपने आस-पास घटित कोई भी सामाजिक घटना, राजनीतिक खबर हमे हमारी ई मेल आईडी GEXPRESSNEWS54@GMAIL.COM या वाट्सएप न 8094612000 पर भेज सकते है हम हर सम्भव प्रयास करेंगे आपकी खबर हमारे न्यूज पोर्टल पर साझा करें। हमारे चैनल GEXPRESSNEWS से जुड़े रहने के लिए धन्यवाद................