शिक्षा शेरनी का दूध है, साइबर अपराध धीमा जहर: गोविन्दगढ़ के डाबरी गांव ने ली अपराध मुक्त समाज की शपथ
गोविन्दगढ़, (अलवर) अमित खेड़ापति
डिजिटल ठगी के बढ़ते जाल के बीच गोविन्दगढ़ थाना क्षेत्र के डाबरी गांव से सामाजिक एकजुटता की एक प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है। रविवार को राजकीय प्राथमिक विद्यालय के प्रांगण में पुलिस और ग्रामीणों के बीच हुई एक पंचायत ने यह साफ कर दिया है कि अब साइबर अपराधियों के लिए गांव में कोई जगह नहीं है।
“शिक्षा शेरनी का दूध है, साइबर क्राइम जहर” :-
बैठक की कमान संभाल रहे थाना अधिकारी धर्म सिंह ने युवाओं और ग्रामीणों को संबोधित करते हुए एक मार्मिक अपील की। उन्होंने कहा कि "साइबर अपराध एक ऐसा धीमा जहर है, जो न केवल इंसान की पढ़ाई और करियर को खत्म करता है, बल्कि उसके पूरे भविष्य को अंधकार में धकेल देता है।" उन्होंने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि केवल शिक्षा ही वह साहस और सम्मान दिला सकती है, जिसकी एक सभ्य समाज को जरूरत है।
सामाजिक बहिष्कार और पुलिस का सहयोग-
इस बैठक का सबसे अहम पहलू ग्रामीणों का कड़ा रुख रहा। ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि यदि गांव का कोई भी युवक साइबर ठगी जैसी अवैध गतिविधियों में लिप्त पाया जाता है, तो उसे छिपाने के बजाय उसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दी जाएगी। ग्रामीणों ने दोटूक शब्दों में कहा कि साइबर अपराधी कानून की नजरों से बच सकता है, लेकिन समाज की नजरों से उसका बचना नामुमकिन है।
लोकेशन मिली तो खुद पकड़वाएंगे अपराधी:-
ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन को पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाते हुए कहा कि यदि तकनीकी जांच में डाबरी गांव के क्षेत्र की लोकेशन आती है, तो पूरा गांव पुलिस के साथ मिलकर उस अपराधी को पकड़ने में मदद करेगा। यह फैसला क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों के लिए एक बड़ी चेतावनी माना जा रहा है।
शिकायत के लिए भटकने की जरूरत नहीं:-
थाना अधिकारी ने आमजन को जागरूक करते हुए बताया कि अब साइबर ठगी का शिकार होने पर अलग-अलग राज्यों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। सरकार द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत कॉल करके शिकायत दर्ज कराई जा सकती है, जिससे समय रहते ठगी गई राशि को फ्रीज कराना संभव है।