राजकीय महाविधालय कठूमर मे युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद की 164वीं जयंती मनाई, चरित्र निर्माण पर दिया जोर
कठूमर (दिनेश लेखी) अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) नगर इकाई द्वारा सोमवार को राजकीय महाविद्यालय कठूमर के प्रांगण में स्वामी विवेकानंद की 164वीं जयंती 'राष्ट्रीय युवा दिवस' के रूप में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर क्षेत्र के युवाओं ने स्वामीजी के आदर्शों को जीवन में उतारने और उनके बताए मार्ग पर चलने का सामूहिक संकल्प लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ स्वामी विवेकानंद के तैल चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात परिषद गीत का गायन किया गया और एक विचार संगोष्ठी का आयोजन हुआ। संगोष्ठी के दौरान कॉलेज परिसर "स्वामी विवेकानंद अमर रहे" और "विद्यार्थी परिषद जिंदाबाद" के नारों से गुंजायमान रहा।
चरित्र निर्माण से ही शिक्षा होगी मजबूत मुख्य वक्ता के रूप में महाविद्यालय के प्रवक्ता राकेश वर्मा ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद ने मात्र 39 वर्ष की आयु में पूरी दुनिया में भारत का मान बढ़ाया था। उन्होंने कहा, "स्वामीजी का मानना था कि चरित्र निर्माण ही शिक्षा का असली उद्देश्य है। उनके पदचिन्हों पर चलकर ही भारत पुनः विश्व गुरु का गौरव प्राप्त कर सकता है।"
भेदभाव मुक्त भारत का आह्वान इकाई अध्यक्ष लवेन्द्र चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि युवाओं को ऊंच-नीच और जातिवाद की भावना से ऊपर उठकर एक सशक्त हिंदुस्तान के निर्माण में अपनी भूमिका निभानी होगी।
ये रहे मौजूद इस गरिमामय कार्यक्रम में सचिव लोकेश चौधरी, नवीन बेरका, सुनील मीणा, अमित जाटव, युवराज, जतिन मीना, अजय सैनी, धीरज, कौशल रेला, दीपक गुर्जर, आशीष, रोहित, रोहन और अखिलेश चौधरी सहित अनेक छात्र कार्यकर्ता उपस्थित रहे।