भरतपुर-ब्यावर एक्सप्रेस-वे से पहले चार प्रमुख सड़कें बने फोरलेन, तब ही मिलेगी विकास की गति
भरतपुर (विष्णु मित्तल) भरतपुर-ब्यावर एक्सप्रेस-वे निर्माण से पहले भरतपुर व डीग जिलों के तीव्र, संतुलित एवं स्थायी विकास के लिए चार प्रमुख सड़कों को फोरलेन करने का सुझाव मुख्यमंत्री को समृद्ध भारत अभियान के निदेशक सीताराम गुप्ता ने पत्र लिखकर दिया है।
गुप्ता द्वारा लिखे गये पत्र में कहा है कि भरतपुर-ब्यावर एक्सप्रेस-वे निर्माण से भरतपुर व डीग जिलों के विकास को लाभ मिलेगा। लेकिन भरतपुर-मथुरा फोरलेन, भरतपुर-बहरोड़, डीग-पहाड़ी से ग्रीन एक्सप्रेस-वे तक, और कामां-जुरहरा-होडल फोरलेन सड़क बनने से क्षेत्र के औद्योगिक, शैक्षिक, पर्यटन, सांस्कृतिक व ऐतिहासिक दृष्टि से विकास को नई गति मिलेगी।
भरतपुर–मथुरा फोरलेन सड़क फोरलेन बनने से भरतपुर सीधे उत्तर प्रदेश के विकसित फोरलेन नेटवर्क से जुड़ जाएगा। इससे भरतपुर से जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की दूरी लगभग डेढ़ घंटे तथा नोएडा की दूरी करीब दो घंटे रह जाएगी, जिससे शिक्षा, व्यापार, निवेश और पर्यटन को बड़ा लाभ मिलेगा। जबकि भरतपुर–बहरोड़ फोरलेन सड़क किशनगढ़ हाईवे से जुड़कर शेखावाटी के प्रमुख धार्मिक स्थलों खाटू श्यामजी और सालासर बालाजी को ब्रज क्षेत्र से सीधे जोड़ेगी। इससे धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा।
इसी प्रकार डीग–पहाड़ी से ग्रीन एक्सप्रेस-वे तक फोरलेन सड़क बनने से डीग से दिल्ली की दूरी मात्र डेढ़ घंटे रह जाएगी। इससे डीग क्षेत्र में शिक्षा, होटल, व्यापार और सेवा क्षेत्र में बड़े निवेश की संभावनाएं खुलेंगी साथ ही कामां–जुरहरा–होडल फोरलेन सड़क बनाया जाना मेवात क्षेत्र के औद्योगिक और सामाजिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसके निर्माण से जुरहरा औद्योगिक क्षेत्र का पुनर्जीवन होगा और हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
सीताराम गुप्ता ने कहा कि इन चारों सड़कों का निर्माण भरतपुर–ब्यावर एक्सप्रेस-वे की उपयोगिता को कई गुना बढ़ा देगा। पहले इन सड़कों के बनने से एक्सप्रेस-वे का लाभ सीधे किसानों, युवाओं, व्यापारियों और पर्यटकों तक पहुंचेगा।