विद्या भारती की जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता संपन्न
भरतपुर (कोशलेन्द्र दत्तात्रेय)
आदर्श विद्या मंदिर रंजीत नगर भरतपुर में जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता का समापन हुआ। प्रतियोगिता में बैडमिंटन, भाला फेंक, तश्तरी फेंक, विभिन्न वर्गों की दौड़, शतरंज, इत्यादि प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया जिसमें भरतपुर जिले के 185 छात्र -- छात्राओं ने भाग लिया। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले वैष्णवी , भूमिका, दीक्षा, जसविंदर कौर इत्यादि 74 छात्र - छात्राओं को पदक प्रदान कर सम्मानित किया गया।
समापन समारोह में मुख्य अतिथि योगेश कुमार शर्मा संयुक्त निदेशक उद्यान विभाग भरतपुर संभाग तथा अन्य अतिथियों संतोष कटारा, अमित अग्रवाल, शंकर लाल, मुकेश अग्रवाल, अनिल कुमार शर्मा द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। मंच संचालन बीरेंद्र बिष्ट तथा लोकेश जैन द्वारा किया गया। बीरेंद्र बिष्ट द्वारा मां सरस्वती वंदना, मातृ वंदना गायत्री मंत्र, शांति मंत्र इत्यादि से विधिवत पूजा- अर्चना करते हुए कार्यक्रम की।
शुरुआत में प्रधानाचार्य धर्मेंद्र कुमार द्वारा प्रतियोगिता के आयोजन पर प्रकाश डालते हुए सभी अतिथियों का स्वागत किया गया। मुख्य अतिथि योगेश कुमार शर्मा द्वारा छात्र - छात्राओं से अनुरोध किया कि खेलों से हमारे शारीरिक तथा मानसिक विकास के साथ-साथ सहभागिता की प्रेरणा मिलती है, इसलिए सभी विद्यार्थियों द्वारा खेलों को अपने दैनिक जीवन का आवश्यक अंग बनाना चाहिए। जीतने वाले सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं और बधाइयां देते हुए शर्मा ने हारने वाले खिलाड़ियों की हौसला अफजाई करते हुए कहा कि अगर आप भी जुनून और समयबद्ध तरीके से तैयारी करोगे तो अगली बार निश्चित रूप से सफलता प्राप्त करने में कामयाब रहोगे।
संतोष कटारा ने सभी खिलाड़ियों से आग्रह किया कि खेलों में समय का बड़ा महत्व है इसलिए समय की प्रतिबद्धता बहुत जरूरी है। कटारा ने हार जीत की परवाह किए बिना लगातार तैयारी करते हुए आगे बढ़ते रहने का संकल्प दिलाया। उन्होंने सभी विजेताओं को और ईमानदारी से मेहनत करते हुए प्रांत स्तर, क्षेत्र स्तर तथा अखिल भारतीय स्तर पर विजेता बनने के लिए अपने अंदर जुनून पैदा करने के लिए प्रेरित किया।अमित अग्रवाल ने सभी विद्यार्थियों का आव्हान करते हुए कहा कि खेलों से हमको सहयोग और एक दूसरे का साथ देने की प्रेरणा मिलती है। खेलों में जीत हार को समान भाव से स्वीकार करना चाहिए।
अंत में शंकर लाल अग्रवाल ने प्रतियोगिता में आए हुए सभी अतिथियों, टीम प्रभारियों, खिलाड़ियों, आचार्यों तथा प्रधानाचार्यो का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया।