भैंसडावत सैनी समाज की बैठक हुई: मृत्युभोज पर पूर्ण प्रतिबंध, शिक्षा पर होगा खर्च
अलवर के गोविंदगढ़ स्थित ग्राम पंचायत भैंसड़ावत के सैनी समाज ने सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने और समाज को नई दिशा देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। समाज की विशेष पंचायत में सर्वसम्मति से समाज सुधार की दिशा में तीन बड़े निर्णय लिए गए हैं, जिनकी क्षेत्र भर में सराहना हो रही है।
इन निर्णयों में सबसे प्रमुख मृत्युभोज पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना है। समाज में अब मृत्युभोज का आयोजन पूरी तरह से वर्जित रहेगा। यह कदम फिजूलखर्ची रोकने और आर्थिक बोझ कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
इसके अतिरिक्त, शादी समारोहों में सादगी लाने पर जोर दिया गया है। लड़की की शादी के अवसर पर दिए जाने वाले अतिरिक्त प्रतिभोज (दिखावे के भोजन) को बंद कर दिया गया है। साथ ही, किसी भी प्रकार के प्रतिभोज में 'पत्तल परोसा' नहीं दिया जाएगा, जिससे भोजन की बर्बादी और अतिरिक्त व्यय को रोका जा सके।
पंचायत में यह भी संकल्प लिया गया कि सामाजिक भोज पर खर्च होने वाले धन को अब बच्चों की उच्च शिक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य पर खर्च किया जाएगा। युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं और आधुनिक शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने पर विशेष बल दिया गया है।
इस महत्वपूर्ण बैठक में पूर्व सरपंच मूलचंद सैनी, नवल सैनी, जीतराम, रामसिंह, धन सिंह, श्रीचंद, लालाराम, शीशराम, बदलें राम, बलवीर, समंदर, रमन और मेघचंद सहित समाज के अनेक लोग उपस्थित रहे।
इन निर्णयों को जमीनी स्तर पर लागू करने की जिम्मेदारी सैनी युवा मंडल समिति ने उठाई है।