भुसावर वैर क्षेत्र में सौंफ की बम्पर पैदावार; मसाला खेती को विश्वविख्यात भरतपुर
भरतपुर के महाराजा सूरजमल व जयपुर के जयसिंह को पसन्द थी सौंफ
हलैना (विष्णु मित्तल)भरतपुर जिला के उपखण्ड भुसावर वैर सहित जिले के अन्य उपखण्ड क्षेत्र में मसाला की खेती होती है, जिले में दो दर्जन से अधिक प्रकार के मसाला की खेती है। वैर-भुसावर उपखण्ड के कई दर्जन गांवों में कई प्रकार के मसाले पैदा होते है। जिसमें सौंफ, धनियां, मैथी, मिर्ची, हल्दी आदि सर्वाधिक खेती होती है। मसाला की पैदावार और मसाले के स्वाद के कारण भरतपुर जिले की विश्वभर में पहचान कायम है। इस बार सौंफ की पैदावार , भाव को देख किसानो के चेहरे पर खिलावट झलक रही है। सौंफ की पैदावार का साल 2012 में करीब 12 हजार मन का रिकार्ड है, जो साल 2026 में कायम होने का अनुमान है।
- कहां.कहां होती है सौंफ की खेती
कस्वा हलैना, भुसावर व वैर सहित नगला बाई, बिजवारी सैन्दली, वौराज, भगवानपुर, दीवली, नाथू का नगला, कंचनपुरा, कल्ला का गोला, दयापुर, नयागावं खालसा, जगजीवनपुर, प्रेमनगर, गोविन्दपुरा, जहानपुर, समराया, त्यौहारी, सिरस, टुण्डपुरा, नीमली, नरहरपुर, वारौली, रहीमगढ, घाटरी, कोठकी, बन्ध का नगला, नगला धवला, शायपुर, छौंकरवाडा कलां, बल्लभगढ, सलेमपुर खुर्द, बाछरैन, कमालपुरा, झारोठी, पथैना, हिंगोठा, अलीपुर, मजाजपुर, निठार, मंसापुरा आदि गांव में सौंफ की खेती होती है।
-मसाला खेती की पैदावार का ग्राफ
मसाला खेती में सौंफ, धनिया व मिर्ची सर्वाधिक होती है,
2019 में सौंफ की करीब 8 हजार मन, धनियां की 2 हजार मन, मैथी की 10 हजार मन, जीरा की 50 मन, हल्दी की 50 मन, अमचूर की 25 हजार मन, इमली की 400 मन, अजमान की 125 मन, मिर्ची की 22 हजार मन पैदावार हुई, साल 2020 में सौंफ की करीब 9 हजार मन, धनियां की 2.5 हजार मन, मैथी की 14 हजार मन, जीरा की 35 मनएहल्दी की 125 मनएअमचूर की 28 हजार मन, इमली की 450 मन, अजमान की 130 मन, मिर्ची की 30 हजार मन पैदावार हुई, साल 2021 में सौंफ की करीब 10 हजार मन, धनियां की 2 हजार मन, मैथी की 16 हजार मन, जीरा की 32 मन, हल्दी की 105 मन, अमचूर की 21 हजार मन, इमली की 480 मन, अजमान की 110 मन, मिर्ची की 32 हजार मन पैदावार हुई, 2022 में सौंफ की करीब 8 हजार मन, धनियां की 2 हजार मन, मैथी की 10 हजार मन, जीरा की 50 मन, हल्दी की 50 मन, अमचूर की 25 हजार मन, इमली की 400 मन, अजमान की 125 मन, मिर्ची की 22 हजार मन पैदावार हुई, साल 2023 में सौंफ की करीब 9 हजार मन, धनियां की 2.5 हजार मन, साल 2024 में सौंफ की करीब 15 हजार मन, धनियां की 1हजार मन, साल 2025में सौंफ की करीब 18 हजार मन, धनियां की 1 हजार मन हुआ।

