सात नवंबर को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद नगर परिषद गंभीर नहीं; खैरथल में 12 माह में कुत्तों ने 1010 लोगों को काटा, स्वास्थ्य विभाग के पास मौत के आंकड़े तक नहीं
खैरथल (हीरालाल भूरानी) खैरथल शहर में आवारा कुत्तों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा। गलियों, मुख्य सड़कों, कॉलोनियों, स्कूलों और बाजारों में घूमते कुत्तों के झुंड अब आमजन के लिए खतरा बन चुके हैं। हालात इतने गंभीर हैं कि पिछले 12 महीनों में 1010 लोग डॉग बाइट का शिकार हो चुके हैं, लेकिन डॉग बाइट के बाद हुई एक भी - मौत की जानकारी चिकित्सा विभाग के पास उपलब्ध नहीं है। जनवरी से दिसंबर तक के आंकड़े साफ बताते हैं कि समस्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन समाधान के स्तर पर अब तक ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही।
सुप्रीम कोर्ट ने 7 नवंबर को सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को निर्देश दिए थे कि अस्पताल, स्कूल, स्टेडियम, बस व ट्रेन स्टेशनों जैसे सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को तुरंत हटाया जाए। पकड़े गए कुत्तों की नसबंदी व टीकाकरण के बाद उन्हें शेल्टर होम में शिफ्ट किया जाए, लेकिन जमीनी स्तर पर इन आदेशों की पालना नजर नहीं आ रही। शहर में आवारा कुत्ते झुंड में घूमते हैं और मौका मिलते ही राहगीरों, बच्चों और महिलाओं पर भौंकते हुए झपट पड़ते हैं। दोपहिया वाहन चालकों के पीछे दौड़ने से कई बार संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे लोग गिरकर चोटिल भी हो रहे हैं।
खैरथल निवासी कुमुद हेडाऊ, लोकेश कुमार, विकास शर्मा, वरुण सहित अन्य लोगों का कहना है कि वे सुबह दौड़ लगाने खैरथल हरसौली रोड, नई मंडी, महिला थाने के पास पर जाते हैं, लेकिन कुत्तों के झुंड रास्ता रोक लेते हैं। कई बार कुत्ते आक्रामक हो जाते हैं, जिससे काटने का डर बना रहता है। मामले में नगर परिषद आयुक्त मुकेश कुमार शर्मा ने बताया कि आक्रामक स्ट्रीट डॉग की शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। बढ़ती घटनाओं को देखते हुए पशु चिकित्सकों के साथ बैठक कर जल्द ही नसबंदी और टीकाकरण अभियान शुरू किया जाएगा।
डॉगबाइट के आंकड़े
- जनवरीः136
- फरवरी:118
- मार्च:31
- अप्रैल:112
- मई:118
- जूनः90
- जुलाई:115
- अगस्तः86
- सितंबर:83
- अक्टूबरः65
- नवंबर: 31
- दिसंबरः 25