निगरानी: शराब की असलियत अब मोबाइल से होगी तय; आबकारी सिपाही ऐप से नकली शराब पर कसी जाएगी अब नकेल
खैरथल (हीरालाल भूरानी) शराब उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और नकली व जहरीली मदिरा के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए आबकारी विभाग ने तकनीक का सहारा लिया है। राजस्थान आबकारी विभाग ने 'आबकारी सिपाही (सिटीजन) ऐप' लॉन्च कर आमजन के मोबाइल को जांच का सशक्त माध्यम बना दिया है। अब शराब की बोतल पर लगे होलोग्राम के क्यूआर कोड को स्कैन करते ही उसकी वैधता की पुष्टि हो सकेगी। जिला आबकारी अधिकारी गिरिवर शर्मा ने बताया कि आबकारी आयुक्त शिव प्रसाद मदन नकाते की पहल पर यह व्यवस्था लागू की गई है। प्रत्येक मदिरा बोतल पर लगे होलोग्राम स्टिकर के क्यूआर कोड को स्कैन करने पर निर्माण इकाई का नाम-पता, उत्पादन तिथि, ब्रांड खुदरा मूल्य मोबाइल स्क्रीन पर उपलब्ध होगा। इससे उपभोक्ता स्वयं असली और नकली शराब में अंतर स्वयं असली और नकली शराब में अंतर कर सकेंगे।
अधिक वसूली पर भी लगेगा अंकुश
क्यूआर कोड के जरिए वास्तविक मूल्य सामने आने से दुकानदारों द्वारा अधिक कीमत वसूलने की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी। यदि किसी बोतल का क्यूआर कोड स्कैन न हो या निर्धारित मूल्य से अधिक राशि ली जाए, तो उपभोक्ता टोल फ्री नंबर 18001806436 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
रियल टाइम निगरानी, तुरंत कार्रवाई
आबकारी विभाग के नियंत्रण कक्ष में हर स्कैन का रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा। किसी क्षेत्र से संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलते ही संबंधित आबकारी निरीक्षक और टीम मौके पर पहुंचकर जांच करेगी। विभाग ने साफ किया है कि क्यूआर कोड रहित या छेड़छाड़ किए गए होलोग्राम वाली बोतल बेचने पर लाइसेंस निरस्तीकरण के साथ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
क्यों जरूरी थी यह पहल
बीते कुछ वर्षों में नकली और मिलावटी शराब के मामलों से गंभीर बीमारियों और जानलेवा घटनाओं की शिकायतें सामने आई है। इससे सरकारी राजस्व को भी नुकसान हुआ है। कई बार ब्रांडेड बोतलों में घटिया शराब भरकर बेचने के मामले उजागर हुए, जो उपभोक्ताओं के लिए बेहद खतरनाक साबित हुए।
जागरुकता से टूटेगी अवैध सप्लाई चेन
आबकारी विभाग का मानना है कि यदि उपभोक्ता हर खरीद पर क्यूआर कोड स्कैन करना शुरू कर दें, तो नकली शराब की पूरी आपूर्ति श्रृंखला स्वतः समाप्त हो जाएगी। विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे अपनी सेहत से समझौता न करें और किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत सूचना दें।
जिला आबकारी अधिकारी बहरोड़ गिरवर शर्मा ने बताया कि आबकारी सिपाही (सिटीजन) ऐप' से नागरिक अब मदिरा की वैधता स्वयं जांच सकेंगे। क्यूआर कोड स्कैन होते ही पूरी जानकारी सामने आ जाएगी। यह उपभोक्ता सुरक्षा और पारदर्शी व्यापार की दिशा में अहम कदम है।