पुलिस की चुप्पी और खौफ में परिवार: गोरखपुर में पीड़िता ने पुलिस और दबंगों के 'गठजोड़' पर उठाए सवाल
गोरखपुर (शशि जायसवाल) थाना बड़हलगंज के ग्राम रजौरी में चुनावी रंजिश या आपसी विवाद के चलते हुए हमले ने अब तूल पकड़ लिया है। पीड़िता सुशीला साहनी ने गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता कर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सुशीला का कहना है कि उनके पति और बेटे अजय पर हुए जानलेवा हमले के कई दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है।
दबंगों के हौसले बुलंद, गिरफ्तारी शून्य
पीड़िता के अनुसार, 25 जनवरी 2026 को गांव के ही दबंगों—देव प्रकाश शुक्ला, गणनायक शुक्ला, धर्मदेव यादव और मिठाई लाल यादव ने उनके परिवार पर लाठी-डंडों से हमला किया। इस हमले में उनके बेटे के सिर पर गंभीर चोटें आईं। हैरानी की बात यह है कि थाना बड़हलगंज में मुकदमा दर्ज होने के बावजूद एक भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
सांठगांठ और रिश्वत के आरोप
प्रेस वार्ता के दौरान सुशीला साहनी ने पुलिस की निष्पक्षता पर सीधा प्रहार किया। उनके मुख्य आरोप निम्नलिखित हैं:
पुलिस संरक्षण: आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के बजाय संरक्षण दे रही है।
मुकदमे को कमजोर करना: पीड़िता का आरोप है कि पुलिस रिश्वत लेकर मामले को रफा-दफा करने या केस की धाराओं को हल्का करने की कोशिश कर रही है।
जान का खतरा: गिरफ्तारी न होने से आरोपियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे अब पीड़िता के परिवार को केस वापस लेने के लिए जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं।
*प्रशासन को चेतावनी: "न्याय नहीं मिला तो होगा आंदोलन"
सुशीला साहनी ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय से लेकर उच्चाधिकारियों तक न्याय की गुहार लगाई है, लेकिन परिणाम शून्य रहा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि: "यदि जल्द ही सभी नामजद आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया और मेरे परिवार को सुरक्षा नहीं दी गई, तो मैं आंदोलन करने को विवश होऊंगी। मेरे परिवार के साथ होने वाली किसी भी अनहोनी की पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
इस प्रेस वार्ता ने एक बार फिर स्थानीय पुलिस की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। अब देखना यह है कि पुलिस प्रशासन इस पर क्या ठोस कदम उठाता है।


