डीग शहर में जीवन ज्योति दीर्घ गोशाला का हुआ शुभारंभ; गौसंवर्धन से सनातन संस्कृति की रक्षा- निर्मल गोयल
डीग (नीरज जैन) गौ माता का संवर्धन व संरक्षण ही सनातन संस्कृति को अक्षुण्ण रखने का सर्वोत्तम माध्यम है। गोमाता में 36 करोड़ देवी-देवताओं का साक्षात निवास है, इसकी सेवा प्रत्येक सनातनी का परम कर्तव्य। अपनी जन्मभूमि की सेवा का यह सुअवसर मिलना मेरे लिए अभूतपूर्व गौरव है यह बात मुख्य अतिथि समाजसेवी निर्मल गोयल ने रविवार को कामां रोड स्थित जीवन ज्योति दीर्घ गोशाला बृज लठावन धाम के शुभारंभ पर गौ सेवा के महत्व पर बल देते हुए कही।
प्राचीन लक्ष्मण मंदिर के महंत पंडित मुरारी लाल पाराशर की प्रेरणा और आचार्य पंडित गणेश दत्त पाराशर के सान्निध्य में स्थापित यह गोशाला विधि-विधान से उद्घाटित हुई। कार्यक्रम से पूर्व सुबह 8 बजे सुंदरकांड पाठ व भजन संध्या का आयोजन किया गया। राकेश गोयल आराधना, बंटी बंसल व सुभाष अग्रवाल ने अतिथियों का माला व प्रतीक चिन्ह भेंटकर स्वागत किया।
गोशाला के प्रेरणास्रोत महंत मुरारी लाल पाराशर ने कहा, गौभूमि पर किया गया हर पुण्य कर्म अनेक गुना फलदायी होता है। सच्ची गौ सेवा हृदय को आनंदित कर देती है। संत शिवराम दास जी महाराज ने गौ माता के माहात्म्य पर अपने विचार व्यक्त किए कहा कि गोमाता ब्रज की पहचान है।
इस अवसर पर पीतम दास मंदिर के महंत कृष्णा बाबा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अखिलेश शर्मा, पशुपालन विभाग की उपनिदेशक भावना यादव, आलोक सोखिया नंदकिशोर गांधी, , सतीश तमोलिया, रेखा गोयल ,रमेश अरोड़ा, मोहन स्वरूप पाराशर, सुंदर सरपंच सहित बड़ी संख्या में गौ भक्त व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। संचालन कवि मनोज पाराशर 'मनु' ने किया।