केन्द्रीय बजट विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने वाला ऐतिहासिक दस्तावेज है इससे हर वर्ग की उन्नति का मार्ग प्रशस्त- जवाहर सिंह बेढ़म
यह बजट सर्वव्यापी ,सर्वस्पर्शी और सर्वसमावेशी है जो रिफार्म,परफार्म और ट्रांसफॉर्म की नीति पर आधारित है= डॉ शैलेश सिंह
डीग (नीरज जैन) केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश किए गए केन्द्रीय बजट 2026-27 पर विस्तृत चर्चा करने के लिए सोमवार को डीग के पंचायत समिति सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में गृह, गोपालन, पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य विभाग राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के विजन को धरातल पर उतारने वाला एक सशक्त दस्तावेज है। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं है, बल्कि यह देश के भविष्य को संवारने वाला एक विजन डॉक्यूमेंट है जो गरीब, किसान, युवा, महिला और मध्यम वर्ग को सशक्त बनाने की स्पष्ट दिशा दिखाता है। मंत्री ने बजट का स्वागत करते हुए कहा कि विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए भारत सरकार ने सभी वर्गों के चहुंमुखी विकास का खाका खींचा है।
बेढ़म ने अपने विभागों से जुड़े प्रावधानों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि बजट में पशुपालन क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि आज पशुपालन केवल सहायक गतिविधि नहीं रहा, बल्कि किसानों की कुल आय में इसका योगदान लगभग 16 प्रतिशत है। इस दिशा में एक दूरदर्शी कदम उठाते हुए सरकार ने पशु चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने के लिए पूंजी सब्सिडी योजना शुरू करने का प्रावधान किया है। साथ ही, 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों को एकीकृत कर मत्स्य पालन को बढ़ावा देने का निर्णय ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करेगा। उन्होंने राष्ट्रीय फाइबर योजना की सराहना करते हुए कहा कि इससे रेशम, ऊन और जूट जैसे क्षेत्रों में भारत की आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।
स्वास्थ्य क्षेत्र पर चर्चा करते हुए गृह राज्य मंत्री बेढम ने कहा कि सरकार ने कैंसर की 17 जीवन रक्षक दवाओं और 7 असाध्य रोगों की दवाओं पर सीमा शुल्क में भारी छूट दी है, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग को सस्ता इलाज मिल सकेगा। उन्होंने बताया कि देश में नए एम्स और तीन नए आयुर्वेद एम्स (आयुष केंद्र) खोलने के लिए 10,000 करोड़ का फंड आवंटित किया गया है, जो स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए सरकार ने आमजन के मानसिक स्वास्थ्य बेहतर करने का जो निर्णय लिया है, वह अत्यंत आवश्यक और सराहनीय है।
इस अवसर पर डीग-कुम्हेर विधायक डॉ. शैलेश सिंह ने बजट को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह बजट रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म की नीति पर आधारित है और सरकार अब सुधारों की चर्चा से आगे बढ़कर रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार होकर तेज गति से विकास के पथ पर अग्रसर है। डॉ. सिंह ने कहा कि यह बजट सर्वव्यापी, सर्वस्पर्शी और सर्वसमावेशी है, जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के साथ-साथ एआई जैसी आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर भी बल दिया गया है ताकि उत्पादन और उत्पादकता को बढ़ाया जा सके।
विधायक डॉ. सिंह ने महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर कहा कि बजट में महिलाओं को देश की ग्रोथ इंजन माना गया है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक जिले में महिला छात्रावासों के निर्माण के लिए 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान और लखपति दीदी योजना का विस्तार महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने और उन्हें सफल उद्यमी के रूप में स्थापित करने में मील का पत्थर साबित होगा। युवाओं के लिए बजट में किए गए प्रावधानों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि 'स्किल इंडिया', डिजिटल स्किल्स और रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों में युवाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें भविष्य के रोजगार के लिए तैयार किया जाएगा।
प्रेस वार्ता के अंत में गृह राज्य मंत्री बेढ़म और विधायक डॉ. सिंह ने संयुक्त रूप से कहा कि यह बजट सेमीकंडक्टर निर्माण में निवेश बढ़ाने, एमएसएमई सेक्टर को मजबूती देने और 'एक जिला-एक उत्पाद' जैसी योजनाओं के माध्यम से भारत को वैश्विक पटल पर एक आर्थिक महाशक्ति बनाने का मार्ग प्रशस्त करेगा। दोनों जनप्रतिनिधियों ने इस जनहितैषी बजट के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए इसे विकसित भारत की नींव रखने वाला बजट करार दिया।